India Manufacturing: $7.5 ट्रिलियन का लक्ष्य हासिल करने के लिए 'प्रोडक्टिविटी' है असली चाबी

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AuthorNeha Patil|Published at:
India Manufacturing: $7.5 ट्रिलियन का लक्ष्य हासिल करने के लिए 'प्रोडक्टिविटी' है असली चाबी

KPMG की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगर भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अपनी वर्कफोर्स की प्रोडक्टिविटी को **30%** तक बढ़ा ले, तो भविष्य के कुल आउटपुट का **35%** हिस्सा इसी से आएगा। निवेशकों को अब उन कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए जो अपने कामकाज को मॉडर्न बना रही हैं, क्योंकि डेटा बताता है कि प्रोडक्टिविटी पर फोकस करने वाली कंपनियां मुनाफा और मार्केट वैल्यू में अपने साथियों से काफी आगे हैं।

मुनाफे और ग्रोथ का कनेक्शन

KPMG की रिपोर्ट इस बात पर जोर देती है कि भारत का $7.5 ट्रिलियन का मैन्युफैक्चरिंग लक्ष्य 2047 तक तभी संभव है, जब कंपनियां लेबर और टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल करें। यह ग्रोथ सिर्फ साइज बढ़ाने से नहीं, बल्कि ऑपरेशनल एफिशिएंसी से आएगी। 130 बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के डेटा पर नजर डालें तो प्रोडक्टिविटी पर जोर देने वाली फर्मों का नेट प्रॉफिट सालाना 10% से 11% बढ़ा है, जबकि औसत कंपनियां सिर्फ 7% की ग्रोथ ही दर्ज कर पाईं।

शेयरहोल्डर वैल्यू में उछाल

मार्केट कैप की बात करें तो प्रोडक्टिविटी पर फोकस करने वाली कंपनियों ने 19% का सालाना ग्रोथ रेट हासिल किया है, जो सामान्य कंपनियों के 10% के मुकाबले लगभग दोगुना है। यह रिफाइंड ऑपरेशनल मॉडल मार्केट की अस्थिरता (volatility) के बीच एक मजबूत कवच का काम करता है।

चुनौतियां और रिस्क

रिपोर्ट एक बड़ा चेतावनी भी दे रही है: अगर सेक्टर की ग्रोथ रेट 7.9% पर ही अटकी रही और इसे बढ़ाकर 13.1% नहीं किया गया, तो 2047 तक $4.8 ट्रिलियन का बड़ा नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, 'प्रोडक्टिविटी इल्यूजन' (productivity illusion) का रिस्क भी है, जहां कंपनियां सिर्फ काम की व्यस्तता को ही परफॉर्मेंस मान लेती हैं।

अब क्या होगा?

करीब 70% बड़ी मैन्युफैक्चरिंग फर्मों को अपने स्ट्रक्चर और वर्कफोर्स डिप्लॉयमेंट में बड़े बदलाव की जरूरत है। भविष्य में वही कंपनियां लंबी रेस का घोड़ा साबित होंगी जो डिजिटल इंटीग्रेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाएंगी। निवेशकों के लिए अब मैनेजमेंट की कमेंट्री में 'कैपेसिटी यूटिलाइजेशन' और 'डिजिटल स्पेंडिंग' पर ध्यान देना जरूरी होगा, क्योंकि यही आगे की ग्रोथ का असली आधार है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.