Ministry of Commerce ने एक बड़े राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की है, जिसका लक्ष्य MSMEs और किसानों को भारत के 9 एक्टिव फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTAs) का फायदा दिलाना है।
व्यापार नियमों को आसान बनाने की तैयारी
Ministry of Commerce and Industry अब स्थानीय छोटे व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधे पहुँच दिलाने के लिए एक बड़े आउटरीच प्रोग्राम पर काम कर रही है। सरकार का मकसद ट्रेड पॉलिसी को कागज से निकालकर असल कमाई में बदलना है। वर्तमान में भारत के पास 9 सक्रिय फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स हैं, जो 38 देशों तक फैले हुए हैं। इनमें UAE, ऑस्ट्रेलिया, यूके, ओमान और EFTA जैसे प्रमुख देश शामिल हैं।
असली चुनौती: रूल्स ऑफ ओरिजिन (Rules of Origin)
इन एग्रीमेंट्स के बावजूद, कई छोटे कारोबार इनका पूरा फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी बाधा 'रूल्स ऑफ ओरिजिन' से जुड़ी जटिल कागजी कार्रवाई है। निर्यातकों को यह साबित करना होता है कि उनका सामान भारत में ही बना है ताकि वे कम टैरिफ का लाभ ले सकें। इस नए कैंपेन के जरिए सरकार व्यापारियों को न केवल शिक्षित करेगी, बल्कि उन्हें लॉजिस्टिक सपोर्ट भी देगी।
निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी?
इस पहल का उद्देश्य भारत के एक्सपोर्ट बास्केट में विविधता लाना है। सरकार राज्यों के साथ मिलकर उन विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर रही है जिनमें ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता है। यदि यह अभियान सफल होता है, तो भविष्य के एक्सपोर्ट डेटा में उछाल देखने को मिल सकता है, जो विशेष रूप से छोटे और एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर्स की आय में बड़ी वृद्धि का कारण बन सकता है। निवेशकों को आने वाली ट्रेड परफॉरमेंस रिपोर्ट्स पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह इस नई रणनीति की सफलता का पैमाना साबित होंगी।
