Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI) ने राष्ट्रीय डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को एकजुट करने के लिए एक **5-स्टेप** फ्रेमवर्क पेश किया है। इसका मकसद सरकारी विभागों के बीच डेटा को स्टैंडर्डाइज करना है ताकि 'Viksit Bharat' 2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए AI-आधारित नीतियां तैयार की जा सकें।
डेटा का कायाकल्प
MoSPI ने देश के बिखरे हुए डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने के लिए एक रणनीतिक पहल की है। अभी अलग-अलग विभाग एक ही आर्थिक इंडिकेटर के लिए अलग-अलग परिभाषाओं का इस्तेमाल करते हैं, जिससे पॉलिसी लागू करने में देरी होती है। इस 5-स्टेप प्रक्रिया के जरिए सरकार डेटा को एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में इस्तेमाल करेगी, जिससे पब्लिक पॉलिसी और आर्थिक योजनाएं अधिक सटीक बन सकेंगी।
IT सेक्टर के लिए नए अवसर
निवेशकों के नजरिए से यह अपग्रेड IT सर्विसेज और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए बड़े अवसर लेकर आ सकता है। सिस्टम इंटीग्रेशन, क्लाउड स्टोरेज और AI इंप्लीमेंटेशन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए सरकार को निजी कंपनियों की मदद लेनी होगी।
चुनौतियां और रिस्क फैक्टर
हालांकि, इतनी बड़ी प्रशासनिक सुधार प्रक्रिया आसान नहीं है। लेगेसी सिस्टम्स को एक साथ जोड़ना तकनीकी रूप से कठिन है और इसमें लागत बढ़ने का भी खतरा है। इसके अलावा, डेटा सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए सरकार को 'Digital Personal Data Protection Act' का कड़ाई से पालन करना होगा। मार्केट के जानकारों का कहना है कि निवेशकों को भविष्य में आने वाले सरकारी टेंडर्स और प्रोजेक्ट की टाइमलाइन पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
