India-Japan Trade Pact: 15 साल पुराने एग्रीमेंट में होगा बड़ा बदलाव, एक्सपोर्ट बढ़ाने की तैयारी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
India-Japan Trade Pact: 15 साल पुराने एग्रीमेंट में होगा बड़ा बदलाव, एक्सपोर्ट बढ़ाने की तैयारी

भारत और जापान अपने 2011 के ट्रेड एग्रीमेंट (CEPA) की समीक्षा करने जा रहे हैं। इसका मुख्य मकसद **$15.4 बिलियन** के ट्रेड डेफिसिट को कम करना और भारतीय सामानों के लिए जापानी बाजार में एंट्री आसान बनाना है।

भारत और जापान ने अपने 15 साल पुराने Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जुलाई 2026 में हुए 16वें इंडिया-जापान एनुअल समिट के बाद दोनों देशों ने यह फैसला लिया है कि मौजूदा आर्थिक हालातों के हिसाब से पुराने एग्रीमेंट में बदलाव जरूरी है।

ट्रेड इम्बैलेंस पर लगाम

इस समीक्षा का सबसे बड़ा कारण बढ़ता हुआ ट्रेड गैप है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में दोनों देशों के बीच $27.5 बिलियन का व्यापार हुआ, लेकिन भारत को $15.4 बिलियन का ट्रेड डेफिसिट झेलना पड़ा। सरकार का लक्ष्य है कि इस एग्रीमेंट को संतुलित किया जाए ताकि जापानी बाजार में भारतीय सामानों को भी बराबरी का मौका मिले।

एक्सपोर्ट के रास्ते में क्या है रोड़ा?

कई भारतीय कंपनियों के लिए समस्या डिमांड की कमी नहीं, बल्कि नॉन-टैरिफ बैरियर्स हैं। फार्मा और फूड सेक्टर की कंपनियों का कहना है कि जापान के सख्त क्वालिटी स्टैंडर्ड्स और सर्टिफिकेशन नियम उनके लिए किसी 'साइलेंट बैरियर' से कम नहीं हैं। कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने इस मामले पर कंपनियों से फीडबैक मांगा है ताकि बातचीत के दौरान इन अड़चनों को दूर किया जा सके। हालांकि, निवेशकों को यह समझना होगा कि जापान अपने सुरक्षा मानकों में रातों-रात बदलाव नहीं करेगा, इसलिए राहत मिलने की रफ्तार बातचीत के नतीजों पर निर्भर करेगी।

10 ट्रिलियन येन का निवेश

व्यापार के अलावा, यह रिश्ता बड़े निवेश पर टिका है। जापान ने अगले एक दशक में भारत में 10 ट्रिलियन येन (लगभग $62 बिलियन) के निवेश का वादा किया है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आएगा। बाजार की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि यह ट्रेड रिव्यू कितनी तेजी से धरातल पर उतरता है और इसका सीधा असर एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड कंपनियों पर क्या पड़ता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.