India-Japan Investment: 10 ट्रिलियन येन का बड़ा निवेश, GIFT City को मिलेगी नई रफ्तार

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AuthorNeha Patil|Published at:
India-Japan Investment: 10 ट्रिलियन येन का बड़ा निवेश, GIFT City को मिलेगी नई रफ्तार

भारत और जापान ने **10 ट्रिलियन येन** के निवेश वादे को फिर से दोहराया है। इस साझेदारी का मुख्य फोकस क्लीन एनर्जी, फिनटेक और सप्लाई चेन को मजबूत करना है, साथ ही जापानी वित्तीय संस्थानों को GIFT City में लाने की तैयारी है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी जापानी समकक्ष सत्सुकी कातायामा ने भारत में 10 ट्रिलियन येन के दीर्घकालिक निवेश की प्रतिबद्धता को फिर से मजबूती दी है। यह वादा, जो मूल रूप से अगस्त 2025 में किया गया था, अगले एक दशक तक रणनीतिक औद्योगिक और वित्तीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।

ग्रीन एनर्जी और फिनटेक पर जोर

इस निवेश रणनीति का लक्ष्य कई महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र हैं, जिनमें इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सप्लाई चेन रेजिलिएंस और महत्वपूर्ण खनिजों की सोर्सिंग शामिल है। दोनों देश फिनटेक सहयोग के लिए एक औपचारिक फ्रेमवर्क पर काम कर रहे हैं, जिसमें सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) की इंटरऑपरेबिलिटी पर स्टडी शामिल है। भारत के UPI मॉडल को जापान करीब से देख रहा है ताकि वह 2027 तक अपने 'ज़ेंगिन' (Zengin) इंटरबैंक पेमेंट सिस्टम को आधुनिक बना सके। साथ ही, साइबर सुरक्षा और वित्तीय सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नैतिक उपयोग भी सहयोग के प्रमुख केंद्र हैं।

GIFT City का विस्तार

इस वित्तीय तालमेल का मुख्य उद्देश्य जापानी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार को आसान बनाना है। वित्त मंत्री ने जापानी एसेट मैनेजर्स, बीमा कंपनियों और री-इंश्योरेंस कंपनियों को गुजरात के GIFT City में अपना बेस बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। इसका मकसद GIFT City को दोनों देशों के बीच लंबी अवधि की प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग का एक सेतु बनाना है।

इसके अलावा, भारत जापान के पेंशन सस्टेनेबिलिटी और सोशल सिक्योरिटी मॉडल से भी सीख ले रहा है। जापान की वृद्ध होती आबादी को देखते हुए अपनाई गई एन्युटी डिजाइन और लॉन्गेविटी प्लानिंग को भारत अपने घरेलू बचत और पेंशन उत्पादों को बेहतर बनाने के लिए उपयोग कर सकता है। निवेशकों के लिए इन क्रॉस-बॉर्डर परियोजनाओं का क्रियान्वयन सबसे महत्वपूर्ण होगा, विशेष रूप से GIFT City में जापानी संस्थानों का प्रवेश और डिजिटल पेमेंट सिस्टम का एकीकरण।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.