India Industrial Growth: सुस्त पड़ सकती है भारत की रफ्तार, सितंबर में इंडस्ट्रियल ग्रोथ गिरकर **6%** रहने का अनुमान

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
India Industrial Growth: सुस्त पड़ सकती है भारत की रफ्तार, सितंबर में इंडस्ट्रियल ग्रोथ गिरकर **6%** रहने का अनुमान

सितंबर 2026 में भारत की इंडस्ट्रियल ग्रोथ (IIP) में नरमी देखने को मिल सकती है, जो अगस्त के **8%** से घटकर **6%** पर आ सकती है। माइनिंग और कैपिटल गुड्स में कमजोरी के बावजूद बिजली की मांग और ऑटो सेल्स में मजबूती बनी हुई है।

औद्योगिक आंकड़ों पर नजर

देश के औद्योगिक स्वास्थ्य को समझने के लिए 28 अक्टूबर को जारी होने वाले आधिकारिक इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) आंकड़ों पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यह डेटा देश की मैन्युफैक्चरिंग, माइनिंग और बिजली उत्पादन के प्रदर्शन का सटीक आईना है।

क्यों दिख रही है सुस्ती?

इस अनुमानित गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण कैपिटल गुड्स और माइनिंग सेक्टर का प्रदर्शन है। प्राइवेट इन्वेस्टमेंट का बैरोमीटर माने जाने वाले कैपिटल गुड्स का उत्पादन अगस्त के 16.9% के उछाल से लुढ़ककर सितंबर में महज 2.2% पर सिमटने का अनुमान है। वहीं, माइनिंग सेक्टर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं; अगस्त में 5.6% की गिरावट के मुकाबले सितंबर में इसमें 8% का कॉन्ट्रैक्शन देखने को मिल सकता है, जिसका मुख्य कारण मानसून का असर बताया जा रहा है।

सकारात्मक पहलू: बिजली और ऑटो सेक्टर

इन चुनौतियों के बीच बिजली क्षेत्र में जबरदस्त तेजी जारी है। बिजली उत्पादन की ग्रोथ अगस्त के 12.3% से बढ़कर 15.6% तक पहुंच सकती है। इसके अलावा, कंज्यूमर डिमांड में भी कोई कमी नहीं है; टू-व्हीलर सेल्स में 33.4% और पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 23.3% का सालाना इजाफा देखा गया है। साथ ही, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गुड्स ने भी 7.8% की ग्रोथ दर्ज की है।

आने वाले समय में निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ये सेक्टर-विशिष्ट रुझान अस्थायी हैं या फिर औद्योगिक चक्र में किसी बड़े बदलाव का संकेत।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.