India Inc 2027 Salary Hikes: कंपनियां कर रही हैं खर्चों में कटौती, औसत सैलरी बढ़ोतरी **9.1%** तक सीमित

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
India Inc 2027 Salary Hikes: कंपनियां कर रही हैं खर्चों में कटौती, औसत सैलरी बढ़ोतरी **9.1%** तक सीमित

साल 2027 में भारतीय कंपनियां सैलरी हाइक को लेकर सतर्क रुख अपना रही हैं। आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच औसत वेतन वृद्धि **9.1%** रहने का अनुमान है। फिक्स्ड लागत कम करने के लिए कंपनियां अब स्थायी बढ़ोतरी के बजाय परफॉर्मेंस-लिंक्ड बोनस पर ज्यादा जोर दे रही हैं।

कॉरपोरेट इंडिया अब 2027 के अप्रैजल साइकिल में काफी बचाव की मुद्रा में नजर आ रहा है। बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता और घटती कंज्यूमर डिमांड के चलते कंपनियों ने आक्रामक वेतन वृद्धि का दौर थाम लिया है।

मार्जिन बचाने के लिए 'वेरिएबल पे' का दांव

निवेशकों के लिए सबसे अहम बदलाव 'वेरिएबल पे' की तरफ झुकाव है। कंपनियां अब परमानेंट सैलरी हाइक देने के बजाय बोनस पर ध्यान दे रही हैं, ताकि फिक्स्ड लागत को नियंत्रित रखा जा सके। इससे कंपनियों को अपने ऑपरेटिंग मार्जिन को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है, क्योंकि खराब समय में वे अपने खर्चों को आसानी से कम कर सकती हैं।

बैंकिंग सेक्टर पर दबाव, AI टैलेंट की मांग बरकरार

यह रुख हर सेक्टर में एक जैसा नहीं है। बैंकिंग इंडस्ट्री पर मार्जिन का काफी दबाव है, जहां हाइक 6-7% के आसपास रहने का अनुमान है, जो कि 2026 के 8-9% से कम है। हालांकि, NBFC सेक्टर में स्थिति बेहतर है और वहां वेतन वृद्धि 10% के पार जा सकती है। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टेक्नोलॉजी के जानकारों के लिए अभी भी प्रीमियम सैलरी दी जा रही है, जो औसत वर्कफोर्स से लगभग दोगुनी हो सकती है।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

निवेशकों को दो चीजों पर बारीकी से नजर रखनी होगी। पहला, कंपनियों के तिमाही नतीजों में ऑपरेटिंग मार्जिन का सुधार, जो यह बताएगा कि वेरिएबल पे की रणनीति काम कर रही है या नहीं। दूसरा, बैंकिंग और टेक सेक्टर में एट्रिशन रेट (कर्मचारियों का कंपनी छोड़ना)। लागत कम करने के चक्कर में अगर टैलेंट बाहर गया, तो भविष्य में रिक्रूटमेंट और ट्रेनिंग का खर्च कंपनियों पर भारी पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.