केंद्र सरकार ने अपने 'रोजगार मेला' के 20वें संस्करण में **51,000** युवाओं को अपॉइंटमेंट लेटर सौंपे हैं। इस नई भर्ती के साथ अब तक कुल **12.75 लाख** लोगों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है, जो बाजार में कंजम्पशन डिमांड को मजबूती देगा।
सरकार द्वारा शुरू किए गए इस बड़े भर्ती अभियान में राजस्व विभाग, रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय जैसे अहम विभागों को शामिल किया गया है। निवेशकों के नजरिए से देखें तो सरकारी नियुक्तियों का सीधा असर बाजार की स्थिरता पर पड़ता है। सरकारी नौकरी से मिलने वाला सुरक्षित और नियमित वेतन रिटेल, हाउसिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में डिमांड को हमेशा बनाए रखता है, जिससे कंज्यूमर स्पेंडिंग में बढ़ोतरी की उम्मीद रहती है।
एक्सपोर्ट और FTAs का गणित
सरकार का पूरा जोर अब 40 सक्रिय फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTAs) का लाभ उठाने पर है। इन समझौतों का मकसद विदेशी बाजारों में भारतीय सामान की पहुंच आसान बनाना है। इसका सबसे ज्यादा फायदा टेक्सटाइल्स, फार्मा और इंजीनियरिंग गुड्स बनाने वाली कंपनियों को होगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन ट्रेड पैक्ट्स के जरिए एक्सपोर्ट में कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ेगी, जो लॉन्ग टर्म में इकोनॉमी के लिए गेम-चेंजर हो सकता है।
स्टार्टअप्स का नया ठिकाना
दिलचस्प बात यह है कि देश के लगभग आधे स्टार्टअप्स अब टियर-2 और टियर-3 शहरों से सामने आ रहे हैं। इससे उन इलाकों में लॉजिस्टिक्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कमर्शियल रियल एस्टेट की मांग में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। यह विकेंद्रीकरण (decentralization) आने वाले समय में क्षेत्रीय विकास का बड़ा आधार बनेगा।
