सितंबर 2026 में भारत का ग्रॉस GST रेवेन्यू लगातार तीसरे महीने **₹2 लाख करोड़** के आंकड़े को पार कर गया है। सालाना आधार पर इसमें **14.7%** की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई और कुल आंकड़ा **₹2.04 लाख करोड़** रहा।
सरकारी खजाने के लिए सितंबर का महीना काफी शानदार रहा है। सरकार को इस महीने कुल ₹2.04 लाख करोड़ का GST कलेक्शन मिला है, जो इस फाइनेंशियल ईयर के पहले हाफ में एक बड़ी उपलब्धि है। पिछले साल के मुकाबले इसमें 14.7% की बढ़त देखी गई है।
आयात (Import) बनाम घरेलू खपत
आंकड़ों की गहराई में जाएं तो एक दिलचस्प तस्वीर सामने आती है। इंपोर्टेड गुड्स से मिलने वाले GST में 25.9% का भारी उछाल आया है, जिससे सरकार को ₹65,525 करोड़ मिले। वहीं, घरेलू GST कलेक्शन 10.1% की रफ्तार से बढ़कर ₹1.38 लाख करोड़ रहा। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि हेडलाइन नंबर्स जितने मजबूत दिख रहे हैं, घरेलू मांग उतनी ही धीमी रफ्तार से बढ़ रही है। आयात आधारित टैक्स का हिस्सा ज्यादा होने का मतलब है कि ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों में बदलाव का असर टैक्स आंकड़ों पर ज्यादा है।
नेट रेवेन्यू और पहली छमाही का हाल
रिफंड घटाने के बाद नेट GST रेवेन्यू 18.1% बढ़कर ₹1.77 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। सितंबर में रिफंड जारी करने में 3% की कमी आई, जिसका सीधा फायदा सरकारी खजाने को हुआ है। अगर अप्रैल से सितंबर तक यानी पहली छमाही की बात करें, तो कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹12.46 लाख करोड़ रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले 11.6% ज्यादा है।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजरें 7 अक्टूबर 2026 को होने वाली 57वीं GST काउंसिल की बैठक पर हैं। इस बैठक में 'GST 2.0' और प्रशासनिक सुधारों पर चर्चा होने की उम्मीद है। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि क्या सरकार किसी पॉलिसी में बड़ा बदलाव करने जा रही है, जो भविष्य में सेक्टर-स्पेसिफिक परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकता है।
