RBI Governor Statement: भारत की GDP ग्रोथ 8% के करीब, मार्केट की सुस्ती के बीच बड़ी उम्मीद

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AuthorNeha Patil|Published at:
RBI Governor Statement: भारत की GDP ग्रोथ 8% के करीब, मार्केट की सुस्ती के बीच बड़ी उम्मीद

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने 4 अक्टूबर को कहा कि भारत **8%** GDP ग्रोथ के लक्ष्य के काफी करीब है। स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स और मजबूत फाइनेंशियल सिस्टम से अर्थव्यवस्था को सहारा मिल रहा है। हालांकि, पिछले **8 हफ्तों** से बाजार में जारी गिरावट और ग्लोबल रिस्क निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।

आर्थिक मजबूती और RBI का नजरिया

कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में बोलते हुए RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने साफ किया कि भारत की ग्रोथ का सफर किसी शॉर्ट-टर्म उछाल का नतीजा नहीं है। यह पिछले एक दशक के निरंतर पॉलिसी बदलावों, जैसे कि GST लागू करना और महंगाई को काबू करने के लचीले ढांचे का परिणाम है। दास के मुताबिक, भारत 8% के वास्तविक GDP ग्रोथ आंकड़े को हासिल करने की दहलीज पर खड़ा है।

बाजार का हाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली

एक तरफ जहां अर्थव्यवस्था के आंकड़े मजबूत दिख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शेयर बाजार में निराशा का माहौल है। बेंचमार्क इंडेक्स ने हाल ही में लगातार 8 हफ्तों की गिरावट दर्ज की है। इसका मुख्य कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली और ग्लोबल अनिश्चितता है, जिसने घरेलू ग्रोथ की अच्छी कहानी को दबा दिया है।

रिस्क फैक्टर्स और आगामी MPC मीटिंग

गवर्नर ने स्वीकार किया कि स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स ने देश को बाहरी दबावों से बचाया है, लेकिन चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं। महंगाई का दबाव अब भी एक बड़ी चिंता है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में अस्थिरता का सीधा असर भारत के इंपोर्ट बिल और महंगाई पर पड़ सकता है।

निवेशकों की नजर अब 5 से 7 अक्टूबर, 2026 के बीच होने वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की बैठक पर है। सेंट्रल बैंक को विकास को गति देने और कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के बीच संतुलन बनाना होगा।

भविष्य की तैयारी: AI और ग्रीन हाइड्रोजन

लंबी अवधि के विजन पर बात करते हुए, गवर्नर दास ने जोर दिया कि भारत को 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्रांति को अपनाना होगा। इसके लिए देश को हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे टिकाऊ ऊर्जा स्रोतों में भारी निवेश करना होगा। आगामी MPC मीटिंग में ब्याज दरों (Interest Rates) की दिशा और महंगाई पर RBI के रुख से मार्केट को बड़ी दिशा मिलेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.