ग्लोबल मार्केट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अमेरिका की ओर रुख करने के कारण इंडिया-फोकस्ड फंड्स से **$496 मिलियन** की भारी निकासी हुई है, जो पिछले **7** हफ्तों का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
अमेरिकी मार्केट की ओर निवेशकों का रुझान
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के हालिया फैसलों के बाद से ग्लोबल कैपिटल का रुख बदल गया है। अमेरिकी इक्विटी फंड्स में $64 बिलियन का भारी इनफ्लो हुआ है, जिससे साफ है कि विदेशी निवेशक अब इमर्जिंग मार्केट्स के बजाय अमेरिकी बाजारों की स्थिरता को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। भारत से $496 मिलियन का निकलना इसी बड़े री-एलोकेशन (reallocation) का हिस्सा है।
यील्ड का खेल और गोल्ड का दबदबा
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में तेजी ने बाजार की तस्वीर बदल दी है। 10-year ट्रेजरी यील्ड के 5% के स्तर के करीब पहुंचने से बॉन्ड फंड्स से $2 बिलियन बाहर निकले हैं। वहीं, निवेशकों का भरोसा सुरक्षित निवेश के रूप में गोल्ड पर बना हुआ है। गोल्ड फंड्स ने लगातार 11वें हफ्ते इनफ्लो दर्ज किया है और कुल $3.4 बिलियन का निवेश जुटाया है।
इमर्जिंग मार्केट्स पर अलग-अलग असर
यह ट्रेंड हर देश के लिए अलग रहा है। जहां भारत से निकासी हुई है, वहीं दक्षिण कोरिया से $2.5 बिलियन का आउटफ्लो देखा गया है। इसके विपरीत, ताइवान ने अपवाद पेश करते हुए $1.7 बिलियन का इनफ्लो हासिल किया है। आने वाले समय में FII एक्टिविटी और अमेरिकी यील्ड्स की चाल भारतीय बाजार की दिशा तय करने में मुख्य भूमिका निभाएगी।
