India Forex Reserves: विदेशी मुद्रा भंडार घटकर $719 बिलियन, बैंकों में कर्ज की डिमांड तेज

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AuthorMehul Desai|Published at:
India Forex Reserves: विदेशी मुद्रा भंडार घटकर $719 बिलियन, बैंकों में कर्ज की डिमांड तेज

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) अक्टूबर के अंत में **$1.27 बिलियन** की गिरावट के साथ **$719.75 बिलियन** पर आ गया है। वहीं दूसरी ओर, बैंकिंग सेक्टर में क्रेडिट ग्रोथ **18.2%** पर पहुंच गई है, जो डिपॉजिट ग्रोथ (**16.7%**) से कहीं ज्यादा है।

भंडार में गिरावट की असली वजह

अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार में आई इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण सोने (Gold) की वैल्यू में आया उतार-चढ़ाव है। RBI के डेटा के मुताबिक, गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में $2.65 बिलियन की कमी आई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि फॉरेन करेंसी एसेट्स में $1.358 बिलियन का इजाफा हुआ है, जो दिखाता है कि देश में पूंजी का प्रवाह (Capital Inflow) बना हुआ है। मार्च 2026 के लेवल से अभी भी भंडार $28.6 बिलियन ऊपर है, जो देश की मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत है।

बैंकिंग सेक्टर में क्रेडिट-डिपॉजिट का बढ़ता गैप

इन्वेस्टर्स के लिए चिंता का विषय बैंकिंग सिस्टम का क्रेडिट-डिपॉजिट गैप है। 15 अक्टूबर तक बैंक क्रेडिट 18.2% बढ़कर ₹227.43 लाख करोड़ के पार निकल गया है। इसके मुकाबले डिपॉजिट्स में ग्रोथ सिर्फ 16.7% रही है, जो ₹278.76 लाख करोड़ तक पहुंची है।

शेयरधारकों के लिए क्या है संकेत?

जब कर्ज बांटने की रफ्तार जमा (Deposits) जुटाने से तेज होती है, तो बैंकों पर लिक्विडिटी का दबाव बढ़ जाता है। इससे बैंकों को नए डिपॉजिट्स खींचने के लिए ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं, जिसका सीधा असर उनके नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर पड़ेगा। इसके अलावा, ब्रॉड मनी सप्लाई (M3) भी 16% की रफ्तार से बढ़ रही है, जो पिछले साल के 9.2% के मुकाबले काफी ज्यादा है। आने वाले समय में बैंकों के क्वार्टरली नतीजों में क्रेडिट-डिपॉजिट रेश्यो पर नजर रखना निवेशकों के लिए बेहद जरूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.