Forex Reserves: भारत का खजाना हुआ मालामाल, रिकॉर्ड **$740.8 बिलियन** के स्तर पर पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार

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AuthorNeha Patil|Published at:
Forex Reserves: भारत का खजाना हुआ मालामाल, रिकॉर्ड **$740.8 बिलियन** के स्तर पर पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) **28 अगस्त, 2026** को समाप्त सप्ताह में अब तक के सर्वोच्च स्तर **$740.8 बिलियन** पर पहुंच गया है। यह लगातार **9वां** हफ्ता है जब भंडार में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

ऐतिहासिक उछाल और RBI की रणनीति

देश के विदेशी मुद्रा भंडार में एक ही हफ्ते में $11.47 बिलियन का इजाफा हुआ है। इस शानदार बढ़त के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सक्रिय नीतियां हैं। जून 2026 से सेंट्रल बैंक ने डॉलर-रुपया स्वैप और NRI डिपॉजिट को आकर्षित करने के लिए जो खास स्कीम शुरू की थी, उसने अकेले $136 बिलियन से ज्यादा का निवेश जुटाने में मदद की है।

आंकड़ों पर गौर करें तो विदेशी मुद्रा संपत्तियों (Foreign Currency Assets) में $9.337 बिलियन का उछाल आया है, जिससे ये $600.67 बिलियन पर पहुंच गई हैं। इसके अलावा, RBI के पास मौजूद गोल्ड रिजर्व भी $2.191 बिलियन बढ़कर $116.409 बिलियन हो गया है।

सुरक्षा कवच या आर्थिक दबाव?

यह बड़ा रिजर्व फंड भारतीय रुपये में आने वाली गिरावट और बाजार की उठापटक के खिलाफ एक मजबूत ढाल का काम करेगा। इससे इंपोर्टर्स को राहत मिलेगी और विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

हालांकि, सिक्के का दूसरा पहलू भी है। जानकारों का कहना है कि इतने बड़े भंडार को बनाए रखने की लागत (Cost) भी बढ़ रही है। डॉलर-रुपया स्वैप सुविधाओं के लिए RBI को भारी हेजिंग कॉस्ट (Hedging Cost) चुकानी पड़ रही है। इसके साथ ही, कच्चे तेल (Crude Oil) की वैश्विक कीमतों में होने वाली हलचल अभी भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा रिस्क बनी हुई है। अगर तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो डॉलर का आउटफ्लो बढ़ेगा, जिससे रुपये पर दबाव पड़ सकता है।

आने वाले समय में मार्केट एक्सपर्ट्स इस बात पर नजर रखेंगे कि क्या RBI इन स्वैप फैसिलिटीज को जारी रखेगा या इनमें कोई बदलाव किया जाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.