भारत में फेस्टिव सीजन के दौरान कंजम्पशन ने **5** साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। ऑटोमोबाइल, होम अप्लायंसेज और क्विक कॉमर्स सेक्टर में भारी खरीदारी देखी जा रही है, जो प्रीमियम प्रोडक्ट्स और आसान फाइनेंसिंग के दम पर आगे बढ़ रही है।
फेस्टिव सीजन की शुरुआत के साथ ही कंज्यूमर डिमांड में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। ऑटोमोबाइल सेक्टर की बात करें तो रिटेल सेल्स में साल-दर-साल आधार पर करीब 20% की ग्रोथ दर्ज की गई है। कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो Maruti Suzuki की रिटेल सेल्स में ओणम के दौरान 61% का उछाल आया है, जबकि Hyundai Motor India की बिक्री लगभग दोगुनी हो गई है। डिमांड को पूरा करने के लिए Hyundai ने अपने तलेगांव प्लांट में नई शिफ्ट शुरू की है, वहीं Maruti Suzuki के पास अभी भी लगभग 1.8 लाख ऑर्डर्स का बैकलॉग है।
होम अप्लायंसेज और क्विक कॉमर्स का हाल
होम अप्लायंसेज (जैसे फ्रिज, वाशिंग मशीन) के वॉल्यूम में 12% से 15% की बढ़त रही है, जबकि वैल्यू ग्रोथ 18% से 23% के बीच है। यह अंतर साफ दिखाता है कि ग्राहक अब ज्यादा प्रीमियम और महंगे प्रोडक्ट्स चुन रहे हैं। वहीं, क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart ने पिछले साल के मुकाबले 2.5 गुना सेल्स ग्रोथ दर्ज की है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि मौजूदा मांग उत्साहजनक है, लेकिन महंगाई अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। बड़ी संख्या में ग्राहक क्रेडिट और फाइनेंसिंग का सहारा ले रहे हैं। निवेशकों के लिए असली चुनौती 'इन्वेंट्री बिल्डअप' की है। अगर कंपनियां नवरात्रि और दिवाली के बाद भी डिमांड बने रहने की उम्मीद में जरूरत से ज्यादा स्टॉक डंप करती हैं और खपत कम होती है, तो यह मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। गणेश चतुर्थी के कारण आज शेयर बाजार बंद है, लेकिन बाजार खुलने पर मैनेजमेंट की कमेंट्री और इन्वेंट्री लेवल पर निवेशकों की नजर रहेगी।
