EY India के अनुमान के मुताबिक, सरकारी कैपिटल स्पेंडिंग में **23.7%** की भारी बढ़ोतरी के चलते FY27 में भारत की इकोनॉमी **7.2%** की दर से बढ़ सकती है। हालांकि, ट्रेड डेफिसिट और बढ़ती एनर्जी कॉस्ट पर नजर रखना जरूरी है।
ग्रोथ की रफ्तार और सरकारी निवेश
EY India की ताजा रिपोर्ट ने भारतीय बाजार में उत्साह भर दिया है। FY27 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.0% से 7.2% की दर से बढ़ने का अनुमान है। इस ग्रोथ का मुख्य इंजन सरकार का आक्रामक कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) है, जो Q1 में 23.7% बढ़कर इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और रोड सेक्टर को बड़ी ताकत दे रहा है।
इंडस्ट्रियल डेटा में तेजी
सरकारी खर्च का असर सीधे तौर पर इंडस्ट्रियल डेटा में दिख रहा है। जून 2026 में इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) 7.3% की दर से बढ़ा है। स्टील, सीमेंट और इंजीनियरिंग सेक्टर में डिमांड बढ़ रही है और बैंक क्रेडिट में मल्टी-ईयर हाइज का मतलब है कि प्राइवेट कंपनियां भी विस्तार के लिए लोन ले रही हैं।
रिस्क फैक्टर और चिंताएं
सब कुछ अच्छा होने के बावजूद कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। जुलाई 2026 में मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट $32 बिलियन के स्तर पर पहुंच गया है। एनर्जी इंपोर्ट बिल का बढ़ना भारतीय रुपया (Rupee) पर दबाव डाल सकता है, जिससे डोमेस्टिक इंफ्लेशन भी बढ़ सकती है। कंपनियों के ऑपरेटिंग कॉस्ट पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है।
RBI की पॉलिसी और आगे का रास्ता
Reserve Bank of India ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है ताकि बिजनेस को स्टेबल माहौल मिले और महंगाई भी काबू में रहे। अब निवेशकों की नजर 31 अगस्त, 2026 पर है, जब Q1 FY27 का आधिकारिक GDP डेटा जारी किया जाएगा, जो देश की इकोनॉमिक परफॉर्मेंस की असली तस्वीर पेश करेगा।
