India FDI: विदेशी निवेश का भारत में तूफान! $55 अरब के पार, अब नजर $100 अरब के लक्ष्य पर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
India FDI: विदेशी निवेश का भारत में तूफान! $55 अरब के पार, अब नजर $100 अरब के लक्ष्य पर

भारत में Foreign Direct Investment (FDI) ने रफ्तार पकड़ ली है। अगस्त में निवेश **67.7%** उछलकर **$11 अरब** पहुंच गया है, जिससे फाइनेंशियल ईयर के शुरुआती पांच महीनों में कुल इनफ्लो **$55 अरब** हो गया है। डेटा सेंटर और सर्विस सेक्टर में बढ़ते निवेश के चलते भारत अब **$100 अरब** के सालाना टारगेट की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

अगस्त के आंकड़ों के अनुसार, भारत में विदेशी निवेश में जबरदस्त तेजी आई है। इस ग्रोथ के पीछे सबसे बड़ी वजह इक्विटी निवेश है, जिसमें अगस्त के दौरान 87.5% का उछाल देखा गया और यह $7.5 अरब तक पहुंच गया। फिलहाल, कुल इनफ्लो में सर्विस सेक्टर का हिस्सा 36% और कंप्यूटर हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर सेगमेंट का हिस्सा 14% है। खास बात यह है कि डेटा सेंटर्स में बढ़ रहा निवेश भारत की बदलती डिजिटल जरूरतों को दर्शाता है।

इकोनॉमी पर असर और ग्लोबल तुलना

FDI में यह उछाल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है, क्योंकि इससे विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) मजबूत होता है और रुपये को ग्लोबल अस्थिरता के बीच सपोर्ट मिलता है। जहां अन्य एशियाई बाजारों में निवेश सुस्त पड़ रहा है—उदाहरण के तौर पर चीन में सितंबर 2026 तक के छह महीनों में निवेश 4.3% घटकर $82.2 अरब रह गया—वहीं भारत का प्रदर्शन लगातार शानदार बना हुआ है।

निवेश का दूसरा पहलू

सिक्के का दूसरा पहलू यह है कि रिपैट्रिएशन (मुनाफा या पूंजी वापस ले जाना) में 26% की बढ़ोतरी हुई है, जो $5.8 अरब दर्ज की गई। इसके अलावा, भारतीय कंपनियों द्वारा विदेशों में किया जाने वाला आउटवर्ड FDI 11% गिरकर $1.9 अरब पर आ गया है। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कैसे PLI स्कीम्स और रेगुलेटरी बदलाव आने वाले समय में इन प्रोजेक्ट्स को जमीन पर उतारने में मदद करते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.