भारत में विदेशी निवेश (FDI) के आंकड़ों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। फाइनेंशियल ईयर **2027** की पहली तिमाही में FDI **22%** बढ़कर **$30.66 बिलियन** पर पहुंच गया है। सबसे बड़ी खबर यह है कि तमिलनाडु ने महाराष्ट्र को पछाड़कर निवेश के मामले में टॉप स्थान हासिल कर लिया है, जबकि जापान अब भारत में निवेश करने वाला सबसे बड़ा देश बन गया है।
भारत के लिए फाइनेंशियल ईयर 2027 की शुरुआत बेहद दमदार रही है। ग्लोबल अनिश्चितताओं के बावजूद विदेशी निवेशकों का भारत पर भरोसा अटूट बना हुआ है।
तमिलनाडु का दबदबा
इस बार की FDI रिपोर्ट में सबसे बड़ा बदलाव राज्यों की रैंकिंग में दिखा है। तमिलनाडु ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, खास तौर पर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव इंडस्ट्री पर फोकस बढ़ाकर महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे पारंपरिक राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। उन कंपनियों को इसका बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है, जिनकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स तमिलनाडु के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में स्थित हैं।
जापान बना 'नंबर-1' निवेशक
निवेश के रूट में भी बड़ा बदलाव आया है। अब सिंगापुर और अमेरिका को पीछे छोड़कर जापान भारत में निवेश करने वाला सबसे बड़ा देश बनकर उभरा है। जापान का पैसा मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग में लग रहा है, जो भारत के औद्योगिक विकास के लिए लंबी अवधि में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह तकनीक के ट्रांसफर और जॉइंट वेंचर्स के लिए भी नए रास्ते खोलेगा।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
हालांकि 22% की बढ़ोतरी एक पॉजिटिव संकेत है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। ग्लोबल इंटरेस्ट रेट्स और जियो-पॉलिटिकल तनाव की वजह से निवेश में उतार-चढ़ाव आ सकता है। अब निवेशकों को यह देखना चाहिए कि यह पैसा जमीन पर कब तक उतरता है और नई नौकरियां पैदा करने में कितनी तेजी आती है। आने वाली तिमाहियों में जापान की निवेश रणनीति और तमिलनाडु में प्रोजेक्ट्स की स्पीड ही तय करेगी कि यह पैसा कंपनियों के मुनाफे में कितनी जल्दी दिखाई देगा।
