India का नया एक्सपोर्ट प्लान: Canada और Mexico के जरिए **$58 बिलियन** का बड़ा दांव

ECONOMY
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AuthorKaran Malhotra|Published at:
India का नया एक्सपोर्ट प्लान: Canada और Mexico के जरिए **$58 बिलियन** का बड़ा दांव

भारत अब अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए Canada और Mexico को नए एक्सपोर्ट हब के रूप में देख रहा है। अनुमान है कि ये देश भारत के करीब **$58 बिलियन** के सामान को खपा सकते हैं, जो लॉन्ग-टर्म ट्रेड मजबूती के लिए एक बड़ा कदम है।

भारत अपनी एक्सपोर्ट रणनीति में बड़ा बदलाव कर रहा है। फिलहाल अमेरिका भारत का सबसे बड़ा मार्केट है, जहां से भारत को $91.2 बिलियन का एक्सपोर्ट होता है। अब सरकार का फोकस Canada और Mexico पर है, क्योंकि इन दोनों देशों में भारत के $58 बिलियन तक के सामान भेजने की क्षमता है, जो कि मौजूदा अमेरिकी एक्सपोर्ट का लगभग 63% है।

नई ट्रेड डील और समझौते

इस दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। Canada के साथ 'कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट' (CEPA) पर बातचीत चल रही है, जिसे 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, Mexico के साथ भी नए ट्रेड डील पर काम शुरू हो चुका है। इन समझौतों का सीधा मकसद टैरिफ कम करना और भारतीय कंपनियों के लिए रास्ता आसान बनाना है।

किन सेक्टरों को मिलेगा फायदा?

मुख्य रूप से ऑटो पार्ट्स, कॉटन अपैरल और कीमती धातुओं की ज्वेलरी पर दांव लगाया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर, ऑटो पार्ट्स के सेक्टर में Canada और Mexico अभी दूसरे देशों से $9.7 बिलियन का सामान मंगाते हैं, जबकि भारत का अमेरिका को एक्सपोर्ट मात्र $608 मिलियन है। यह बड़ा गैप भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए एक सुनहरा मौका है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

निवेशकों को यह समझना होगा कि मौका बड़ा है, लेकिन गारंटी नहीं है। साल 2025 में इन दोनों देशों का कुल इंपोर्ट $1.2 ट्रिलियन रहा, जिसमें भारत का हिस्सा सिर्फ $14.84 बिलियन है। वहां के बाजार पहले से ही अमेरिकी कंपनियों से जुड़े हुए हैं, इसलिए भारतीय कंपनियों को क्वालिटी और लॉजिस्टिक्स के मोर्चे पर कड़ी टक्कर देनी होगी। यह कदम भू-राजनीतिक (geopolitical) रिस्क को कम करने के लिए एक दूरगामी रणनीति है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.