India Exports To US: ड्यूटी घटी, तो एक्सपोर्ट में आई बहार! अमेरिका के साथ व्यापार में **21.8%** का उछाल

ECONOMY
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
India Exports To US: ड्यूटी घटी, तो एक्सपोर्ट में आई बहार! अमेरिका के साथ व्यापार में **21.8%** का उछाल

भारत से अमेरिका होने वाले मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट में अगस्त 2026 के दौरान **21.8%** की दमदार बढ़त दर्ज की गई है। इस तेजी की बड़ी वजह टैरिफ दरों का **50%** से घटकर **10%** के स्तर पर आना है।

टैरिफ का असर और मार्केट रिकवरी

लंबे समय तक चले ट्रेड तनाव और ऊंचे टैरिफ ने भारतीय एक्सपोर्टर्स के मार्जिन पर काफी दबाव बनाया था। पहले जहां कुछ सामानों पर 50% तक ड्यूटी लग रही थी, अब वह घटकर 10% के बेसलाइन पर आ गई है। इस बदलाव ने मैन्युफैक्चरर्स को अपनी शिपिंग वॉल्यूम वापस ट्रैक पर लाने का भरोसा दिया है। अगस्त महीने में भारत का कुल मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट 26.1% बढ़कर $43.81 बिलियन पर पहुंच गया है, जो रिकवरी के व्यापक होने का संकेत है।

किन सेक्टर्स में दिखा दम?

इंजीनियरिंग और टेक्सटाइल जैसे प्रमुख सेक्टर्स ने इस ग्रोथ में सबसे ज्यादा योगदान दिया है। भारत का ट्रेड डेफिसिट भी घटकर $26.86 बिलियन रह गया है, जो बैलेंस ऑफ ट्रेड के लिए एक सकारात्मक खबर है। इन कंपनियों की डॉलर-डिनोमिनेटेड इनकम में सुधार से निवेशकों को कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन और रेवेन्यू विजिबिलिटी में बेहतर संकेत मिल रहे हैं।

चुनौतियां और निवेशकों के लिए रिस्क

हालांकि यह डेटा अच्छा दिख रहा है, लेकिन अभी भी सावधानी जरूरी है। भारत के कुल एक्सपोर्ट का लगभग 20% हिस्सा अमेरिका पर निर्भर है, जो इसे जियोपोलिटिकल रिस्क और अमेरिकी ट्रेड पॉलिसी के प्रति संवेदनशील बनाता है। इसके अलावा, यूरोपियन यूनियन का कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) और ग्लोबल कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव आने वाले समय में बड़ी बाधा बन सकते हैं।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को अगली कुछ तिमाहियों तक यह देखना होगा कि क्या कंपनियां इस वॉल्यूम को बरकरार रख पाती हैं या यह सिर्फ एक अस्थायी सुधार है। रॉ मटेरियल की कीमतों पर कंपनियों का नियंत्रण और ऑर्डर बुक की स्थिति आगे की चाल तय करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.