Indian Economy: एक्सपोर्ट का नया रिकॉर्ड, $863 बिलियन पार; करंट अकाउंट डेफिसिट घटकर **0.6%**

ECONOMY
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indian Economy: एक्सपोर्ट का नया रिकॉर्ड, $863 बिलियन पार; करंट अकाउंट डेफिसिट घटकर **0.6%**

FY26 में भारत के एक्सपोर्ट ने **$863.1 बिलियन** का ऐतिहासिक आंकड़ा छू लिया है। इसके चलते करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) घटकर **0.6%** पर आ गया है, जो रुपये की मजबूती और कंपनियों के लिए पूंजी की लागत कम करने में मददगार साबित होगा।

भारत का एक्सपोर्ट सेक्टर एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। FY26 में कुल एक्सपोर्ट $863.1 बिलियन रहा, जिसमें $441.8 बिलियन का मर्चेंडाइज और $421.3 बिलियन की सर्विसेज शामिल हैं। इस मजबूत प्रदर्शन के पीछे लगभग $135 बिलियन की रेमिटेंस और $740.8 बिलियन का रिकॉर्ड फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व मुख्य स्तंभ रहे हैं।\n\n### निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?\nनिवेशकों के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि करंट अकाउंट डेफिसिट में गिरावट का सीधा असर कंपनियों की 'कॉस्ट ऑफ कैपिटल' पर पड़ेगा। अब तक, ज्यादा डेफिसिट रुपये पर दबाव बनाता था, जिससे कंपनियों के लिए उधार लेना महंगा हो जाता था। अब, करेंसी स्टेबिलिटी से कैपिटल एक्सपेंशन के लिए बेहतर माहौल बनेगा।\n\n### मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव\nग्रोथ का मुख्य इंजन अब 'हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग' बन रहा है। इंजीनियरिंग गुड्स का एक्सपोर्ट $122.43 बिलियन तक पहुंच गया है। अब भारतीय कंपनियां स्पेशलिटी केमिकल्स, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और मेडिकल डिवाइसेस जैसे क्षेत्रों में वैश्विक मानकों को टक्कर दे रही हैं।\n\n### रिस्क फैक्टर और सतर्कता\nहालांकि आंकड़े शानदार हैं, लेकिन निवेशकों को कच्चे तेल (Crude Oil) और सोने की कीमतों पर नजर रखनी होगी, क्योंकि इनमें उछाल सीधे ट्रेड डेफिसिट को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, हालिया $7.1 बिलियन की तिमाही सरप्लस को बनाए रखने के लिए ग्लोबल डिमांड और नए ट्रेड एग्रीमेंट्स (जैसे EFTA और UK) का सफल कार्यान्वयन बेहद जरूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.