सरकार ने एक्सपोर्ट को आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब **₹3 लाख** तक के वैल्यू वाले एक्सपोर्ट शिपमेंट्स के लिए अनिवार्य RCMC सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी। इस बदलाव से छोटे और ई-कॉमर्स एक्सपोर्टर्स को बड़ी राहत मिलेगी।
नियम में क्या हुआ बदलाव?
Directorate General of Foreign Trade (DGFT) ने Foreign Trade Policy 2023 में अहम संशोधन किया है। अब तक एक्सपोर्टर्स को RCMC (Registration-cum-Membership Certificate) लेना अनिवार्य था, जो छोटे कारोबारियों के लिए काफी सिरदर्द का काम होता था। अब ₹3 लाख तक के छोटे कंसाइनमेंट को इस कागजी कार्रवाई से मुक्त कर दिया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
आंकड़े बताते हैं कि कुल शिपिंग बिलों में 43% हिस्सा ऐसे छोटे शिपमेंट्स का होता है जिनकी वैल्यू ₹3 लाख से कम है। हालांकि, देश के कुल एक्सपोर्ट वैल्यू में इनका योगदान 1% से भी कम (0.9%) है। इस कदम का सीधा मकसद छोटे एक्सपोर्टर्स, आर्टिसन्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए व्यापार करने वालों के लिए एंट्री बैरियर्स को कम करना है।
बड़े एक्सपोर्टर्स पर क्या होगा असर?
यह राहत केवल छोटे लेनदेन के लिए है। अगर किसी शिपमेंट की FOB वैल्यू ₹3 लाख से ऊपर है, तो पुरानी व्यवस्था लागू रहेगी और RCMC लेना पहले की तरह अनिवार्य बना रहेगा। इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि बड़े कमर्शियल ट्रेड में रेगुलेटरी निगरानी बनी रहे।
भविष्य की राह
सरकार की इस पहल से लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स सेक्टर में हलचल बढ़ने की उम्मीद है। पेपरवर्क कम होने से अब ज्यादा छोटे व्यापारी इंटरनेशनल मार्केट में अपने प्रोडक्ट्स को टेस्ट कर पाएंगे। इन्वेस्टर्स के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह कदम आने वाली तिमाहियों में छोटे एक्सपोर्ट्स की वॉल्यूम में तेजी लाता है या नहीं।
