Indian E-commerce: अब मोबाइल्स नहीं, ग्रॉसरी का चलेगा जादू! बाजार $90 बिलियन के पार

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AuthorAditya Rao|Published at:
Indian E-commerce: अब मोबाइल्स नहीं, ग्रॉसरी का चलेगा जादू! बाजार $90 बिलियन के पार

भारत का ऑनलाइन रिटेल मार्केट साल 2026 तक **$90 बिलियन** के आंकड़े को पार करने की तैयारी में है। अब लोग महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स के बजाय ग्रॉसरी और ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं, जिससे ई-कॉमर्स सेक्टर में बड़ा स्ट्रक्चरल बदलाव आया है।

बाजार में बड़ा बदलाव

भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट 22% से 24% की सालाना दर से बढ़ रहा है। सालों तक मोबाइल फोन इस सेक्टर की रीढ़ रहे, लेकिन अब इनका मार्केट शेयर 19% से गिरकर 16% पर आने की उम्मीद है। बाजार में अब प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक्स की जगह रोजमर्रा के सामान, यानी ग्रॉसरी और ब्यूटी केयर ने ले ली है।

कंपनियों पर क्या होगा असर?

यह बदलाव Zomato (Blinkit), Nykaa (FSN E-Commerce Ventures) और Reliance Industries (JioMart) जैसी कंपनियों के लिए चुनौतीपूर्ण है। इलेक्ट्रॉनिक्स के मुकाबले ग्रॉसरी और पर्सनल केयर की डिलीवरी काफी कॉम्प्लेक्स होती है। इन्वेस्टर्स की नजर इस बात पर है कि कंपनियां इन फ्रीक्वेंट डिलीवरी के खर्चों को कैसे मैनेज करती हैं और क्या वे अपने प्रॉफिट मार्जिन को बरकरार रख पाती हैं।

फेस्टिव सीजन की नई तस्वीर

दिवाली के आसपास के 35 दिनों के फेस्टिव सीजन में $15 बिलियन से $16 बिलियन का ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) हासिल करने का अनुमान है। हालांकि, पहली बार मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री कुल फेस्टिव सेल के 50% से कम रहने की उम्मीद है।

आगे क्या?

इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में जो उछाल पहले दिखा था, वह अब ठंडा पड़ रहा है। इन्वेस्टर्स को अब इन कंपनियों के आने वाले तिमाही नतीजों पर पैनी नजर रखनी होगी, क्योंकि प्रॉफिटेबिलिटी पूरी तरह से सप्लाई चेन को बेहतर ढंग से ऑप्टिमाइज करने पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.