Indian Economy: ग्लोबल ग्रोथ में भारत की बड़ी हिस्सेदारी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कैसे बदला देश का 'इकोनॉमिक कद'

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AuthorAditya Rao|Published at:
Indian Economy: ग्लोबल ग्रोथ में भारत की बड़ी हिस्सेदारी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कैसे बदला देश का 'इकोनॉमिक कद'

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की आर्थिक प्रगति पर बड़ा बयान दिया है। भारत अब ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ में **16%** का योगदान दे रहा है, जिसके पीछे **7.8%** की जीडीपी ग्रोथ और डिफेंस, डिजिटल पेमेंट्स और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टर्स की अहम भूमिका है।

आर्थिक सुधारों का असर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ताजिकिस्तान में अपने आधिकारिक दौरे के दौरान बताया कि स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स (Structural Reforms) के चलते भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8% के स्तर पर पहुंच गई है। उन्होंने साफ कहा कि दुनिया के कई बड़े देश जहां संघर्षों और मंदी से जूझ रहे हैं, वहीं भारत ग्लोबल इकोनॉमी के लिए एक मजबूत इंजन की तरह काम कर रहा है।

डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग का जोर

सरकार का फोकस घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर है। इसका असर डिफेंस सेक्टर में साफ दिख रहा है, जहां प्रोडक्शन का आंकड़ा ₹1.80 लाख करोड़ को पार कर गया है। साथ ही, इस सेक्टर से होने वाला एक्सपोर्ट भी बढ़कर ₹38,424 करोड़ तक पहुंच चुका है, जो आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

डिजिटल क्रांति और यूपीआई का दम

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। 2016-17 में यह आंकड़ा सिर्फ ₹7,000 करोड़ था, जो 2025-26 में उछलकर ₹314 लाख करोड़ के पार हो गया है। यह डिजिटलीकरण व्यापार को और भी सस्ता और आसान बना रहा है।

ट्रेड डील्स और एनर्जी सेक्टर

ऊर्जा क्षेत्र में भी भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। रिन्यूएबल एनर्जी की क्षमता 2014 के 75 गीगावाट से बढ़कर अब लगभग 300 गीगावाट हो गई है। इसके अलावा, सरकार 38 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर काम कर रही है। यूके (UK) और यूरोपीय संघ (EU) के साथ संभावित समझौते से भारतीय एक्सपोर्ट्स पर 99% तक टैरिफ खत्म हो सकते हैं, जो भारतीय कंपनियों के लिए ग्लोबल मार्केट में कंपीटिशन को आसान बनाएगा।

निवेशकों के लिए संकेत

निवेशकों को उन सेक्टर्स पर नजर रखनी चाहिए जहां सरकारी सपोर्ट और पॉलिसी का फोकस ज्यादा है, जैसे कि 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन'। भविष्य में कंपनियों की कमाई इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कितनी कुशलता से प्रोजेक्ट्स को पूरा करती हैं और ग्लोबल मार्केट की हलचल को कैसे हैंडल करती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.