India-Canada Trade Deal: 5 अक्टूबर को होने वाली बातचीत से खुलेगा कारोबार का नया रास्ता, $50 अरब का है लक्ष्य

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
India-Canada Trade Deal: 5 अक्टूबर को होने वाली बातचीत से खुलेगा कारोबार का नया रास्ता, $50 अरब का है लक्ष्य

भारत और कनाडा के बीच 5 अक्टूबर को ट्रेड नेगोशिएशंस का अगला दौर शुरू होने जा रहा है। इस बातचीत का मुख्य मकसद दिसंबर में पीएम नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा से पहले एक ठोस ट्रेड एग्रीमेंट तैयार करना है, ताकि साल 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को **$50 बिलियन** तक पहुँचाया जा सके।

व्यापार का नया रोडमैप

दोनों देशों के बीच होने वाली यह पांचवीं दौर की बातचीत बेहद महत्वपूर्ण है। इसका सीधा असर सप्लाई चेन और वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति पर पड़ेगा। फिलहाल भारत से कनाडा को होने वाला निर्यात लगभग $4.67 बिलियन का है, जिसमें फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग सामान, टेक्सटाइल और जेम्स मुख्य रूप से शामिल हैं।

निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?

अगर यह ट्रेड डील सिरे चढ़ती है, तो नॉन-टैरिफ बैरियर्स (जैसे प्रोडक्ट सेफ्टी और पैकेजिंग नियम) में ढील मिल सकती है। इससे भारतीय कंपनियों के एक्सपोर्ट मार्जिन में सुधार की उम्मीद है। इसके अलावा:

  • आईटी सेक्टर: भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए वीजा नियमों में सरलता आईटी और सर्विस कंपनियों के लिए बड़ा बूस्ट साबित हो सकती है।
  • मैन्युफैक्चरिंग और फर्टिलाइजर: कनाडा पोटाश और मिनरल फ्यूल्स का बड़ा सप्लायर है। इंपोर्ट ड्यूटी या रेगुलेटरी प्रोसेस में राहत मिलने से भारत की फर्टिलाइजर कंपनियों के इनपुट कॉस्ट में कमी आ सकती है।

चुनौतियां और जोखिम

हालांकि, राह आसान नहीं है। कनाडा अपने एग्रीकल्चरल एक्सपोर्ट के लिए भारत में ज्यादा एक्सेस चाहता है, जो भारत के घरेलू किसानों के हितों को देखते हुए एक संवेदनशील मुद्दा है। मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर इस बात पर है कि सरकार इन घरेलू दबावों को कैसे मैनेज करती है। अक्टूबर की यह बैठक तय करेगी कि साल के अंत तक डील कितनी फाइनल हो पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.