Business Confidence: भारत में कारोबारियों का बढ़ा भरोसा, इंडेक्स **107.8** पर पहुंचा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Business Confidence: भारत में कारोबारियों का बढ़ा भरोसा, इंडेक्स **107.8** पर पहुंचा

भारत का बिज़नेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स (Business Confidence Index) चालू फाइनेंशियल ईयर के दूसरे क्वार्टर में बढ़कर **107.8** पर पहुंच गया है। एक साल की गिरावट के बाद यह पहली बार है जब सेंटीमेंट में सुधार दिखा है। घरेलू और एक्सपोर्ट डिमांड में बढ़ती उम्मीदें इस तेजी का मुख्य कारण हैं, हालांकि कंपनियां अभी भी हायरिंग को लेकर सतर्क बनी हुई हैं।

भारतीय कॉरपोरेट सेक्टर में सेंटिमेंट का एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) की रिपोर्ट के मुताबिक, बिज़नेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स पिछले क्वार्टर के 99.8 से उछलकर 107.8 पर आ गया है। लगातार चार तिमाहियों की गिरावट के बाद यह पहला मौका है जब कारोबारी धारणा में सुधार आया है।

डिमांड में बढ़ती रौनक

यह रिकवरी मुख्य रूप से प्रोडक्शन और नए ऑर्डर की मजबूत उम्मीदों पर आधारित है। करीब 71% कंपनियां आने वाले छह महीनों में घरेलू बिक्री में बढ़ोतरी देख रही हैं, जबकि पिछले क्वार्टर में यह आंकड़ा 67% था। एक्सपोर्ट की स्थिति भी बेहतर हुई है, जहां 62.3% कंपनियों ने शिपमेंट बढ़ने का अनुमान जताया है, जो पहले 55.2% था।

हायरिंग और महंगाई पर लगाम

सेल्स और प्रोडक्शन को लेकर उत्साह के बावजूद, लेबर मार्केट अभी भी ठंडा है। कंपनियां फिलहाल नई भर्ती के बजाय ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मौजूदा क्षमता के उपयोग पर ज्यादा जोर दे रही हैं। साथ ही, महंगाई अब भी एक बड़ी चुनौती है। हालांकि रॉ मटीरियल और बिजली की लागत में कुछ राहत मिली है, लेकिन प्राइस स्टेबिलिटी को लेकर चिंताएं बरकरार हैं। क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो उत्तरी और पश्चिमी भारत में कॉन्फिडेंस बढ़ा है, जबकि पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में गिरावट दर्ज की गई है।

निवेशकों के लिए अहम संकेत

निवेशकों के लिए अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह बढ़ता भरोसा नतीजों में मुनाफा बनकर दिखेगा? कंपनियों की कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 93% से ऊपर पहुंच चुकी है। इसका मतलब है कि अब विस्तार के लिए कंपनियों को बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) की जरूरत होगी, जिसका असर कैश फ्लो और डेट पर पड़ सकता है। आने वाले क्वार्टर्स में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बढ़ती बिक्री मार्जिन को बेहतर कर पाती है या फिर महंगाई का दबाव बना रहता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.