Indian Economy: बिजनेस कॉन्फिडेंस में जोरदार उछाल, इंडेक्स बढ़कर **66.0** पर पहुंचा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Indian Economy: बिजनेस कॉन्फिडेंस में जोरदार उछाल, इंडेक्स बढ़कर **66.0** पर पहुंचा

भारतीय कॉर्पोरेट जगत का हौसला फिर बुलंद है। CII की ताजा सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, बिजनेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स में **5.2** अंकों की बढ़त दर्ज की गई है। मजबूत डोमेस्टिक डिमांड और RBI द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने कंपनियों में नई ऊर्जा भर दी है।

भारत के कॉर्पोरेट सेंटिमेंट में फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के दौरान जबरदस्त रिकवरी देखी गई है। 'कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री' (CII) के सर्वे के मुताबिक, बिजनेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स 66.0 के स्तर पर पहुंच गया है। पिछली तिमाही की सुस्ती को पीछे छोड़ते हुए इंडेक्स में 5.2 अंकों का सुधार निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

जीडीपी और कैपेसिटी यूटिलाइजेशन में तेजी

यह डेटा भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.8% की जीडीपी ग्रोथ के साथ मेल खाता है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 9.2% और सर्विसेज सेक्टर में 10% की ग्रोथ ने कंपनियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है। सबसे अहम बात यह है कि आधी से ज्यादा कंपनियों ने अपनी कैपेसिटी यूटिलाइजेशन को 80% से ऊपर ले जाने की योजना बनाई है, जो नए प्राइवेट इन्वेस्टमेंट के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रहा है।

ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद

कंपनियों की इस सकारात्मकता के पीछे घरेलू मांग का बड़ा हाथ है। लगभग 56.3% कंपनियों को उम्मीद है कि 'रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया' अगले 6 महीनों के भीतर ब्याज दरों में कटौती का फैसला ले सकता है। अगर ऐसा होता है, तो कंपनियों की बॉरोइंग कॉस्ट कम होगी, जिससे एक्सपेंशन और हायरिंग की रफ्तार और तेज होने की संभावना है।

ग्लोबल रिस्क पर नजर

हालांकि माहौल उत्साहजनक है, लेकिन ग्लोबल ट्रेड में अनिश्चितता और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव अभी भी बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। हालांकि महंगाई का दबाव थोड़ा कम हुआ है, लेकिन कंपनियां अपने प्रॉफिट मार्जिन को लेकर अभी भी सतर्क हैं। निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे कंपनियों के एक्सपेंशन प्लान और एक्सटर्नल रिस्क फैक्टर पर नजर बनाए रखें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.