भारत और ब्राजील ने अपने द्विपक्षीय व्यापार को **2030** तक दोगुना कर **$30 बिलियन** तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। फाइनेंशियल ईयर **2025-26** में यह आंकड़ा **$15.07 बिलियन** था। इस साझेदारी का सीधा फायदा फार्मा, केमिकल और इंजीनियरिंग सेक्टर की भारतीय कंपनियों को मिल सकता है।
भारत और ब्राजील ने व्यापार संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए कमर कस ली है। ब्रासीलिया में हुई 8वीं ट्रेड मॉनिटरिंग मैकेनिज्म मीटिंग में दोनों देशों ने व्यापार का दायरा बढ़ाने पर सहमति जताई है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स और इंजीनियरिंग गुड्स को प्राथमिकता दी जा रही है।
फार्मा सेक्टर के लिए बड़ी राहत
भारतीय दवाओं के निर्यात को आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। फरवरी 2026 में भारत के CDSCO और ब्राजील की ANVISA के बीच हुए एमओयू (MoU) के तहत रेगुलेटरी बाधाओं को कम करने की तैयारी है। अब तक जटिल रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाएं भारतीय कंपनियों के लिए सिरदर्द बनी हुई थीं, लेकिन अब इसमें सरलता आने से कंपनियों की लागत घटेगी और साउथ अमेरिकी बाजार में पैठ आसान होगी।
ट्रेड एग्रीमेंट और चुनौतियां
व्यापार बढ़ाने का दारोमदार India-MERCOSUR प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट के आधुनिकीकरण पर टिका है। दोनों देश कस्टम प्रक्रियाओं को सरल बनाने और इलेक्ट्रॉनिक सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन को मान्यता देने पर काम कर रहे हैं। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि ये लक्ष्य लंबे समय के हैं और इनका असली फायदा इस पर निर्भर करेगा कि दोनों देश ब्यूरोक्रेटिक और प्रोटेक्शनिस्ट दबावों को कितनी जल्दी दूर कर पाते हैं।
नए क्षेत्रों पर फोकस
पारंपरिक व्यापार के अलावा रिन्यूएबल एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स और डिजिटल सर्विसेज पर भी चर्चा हुई है। UPL, Kirloskar Group और Aditya Birla Group जैसे बड़े भारतीय कॉर्पोरेट्स पहले ही इस दिशा में सक्रिय हैं। इसके अलावा, दिल्ली में ApexBrasil का ऑफिस खुलना प्राइवेट सेक्टर के लिए बड़े अवसरों के संकेत हैं।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
निवेशकों को मुख्य रूप से India-MERCOSUR एग्रीमेंट की प्रगति और ब्राजील में ड्रग रजिस्ट्रेशन की टाइमलाइन पर नजर रखनी चाहिए। सरकार का कमिटमेंट मजबूत है, लेकिन इसका फायदा उन लिस्टेड कंपनियों को ही मिलेगा जो साउथ अमेरिकी मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत बनाने में सफल होंगी। आने वाले समय में एक्सपोर्ट डेटा और कंपनियों की कॉमेंट्री ही बताएगी कि क्या यह $30 बिलियन का सपना हकीकत में बदल रहा है या नहीं।
