India Bonds: ऑयल की कीमत ₹92 के पास, ईरान पर अमेरिकी बैन के बीच बॉन्ड में स्थिरता

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
India Bonds: ऑयल की कीमत ₹92 के पास, ईरान पर अमेरिकी बैन के बीच बॉन्ड में स्थिरता

भारतीय सरकारी बॉन्ड (Indian Government Bonds) आज संभलते हुए दिख रहे हैं। सोमवार की गिरावट के बाद आज बॉन्ड में कुछ सुधार की उम्मीद है। हालाँकि, ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) की कीमत **$92** प्रति बैरल के आसपास रहने से बाज़ार को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के महंगाई को लेकर सख्त रुख के कारण निवेशक सतर्क हैं।

बॉन्ड मार्केट में क्यों है हलचल?

आज की सुबह, भारतीय सरकारी बॉन्ड में स्थिरता के संकेत दिख रहे हैं। सोमवार को आई बड़ी गिरावट के बाद, आज बाज़ार में मामूली रिकवरी की कोशिशें जारी हैं। तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई बढ़ने के डर को कुछ हद तक कम किया है, जिससे बाज़ार को थोड़ी राहत मिल रही है।

ईरान पर प्रतिबंध और तेल की कीमतें

इस बीच, निवेशक वैश्विक कच्चे तेल (Crude Oil) के बाज़ार पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। अमेरिका ने ईरान पर नए और कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $92 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। गनीमत है कि मध्य पूर्व से तेल की आपूर्ति में कोई बड़ी रुकावट नहीं आई है, जिससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों को थोड़ी राहत मिली है। हालाँकि, तेल की ऊंची कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं, क्योंकि इससे आयात बिल बढ़ता है और घरेलू महंगाई को बढ़ावा मिल सकता है, जो अंततः बॉन्ड यील्ड (Bond Yields) पर दबाव डालता है।

RBI का सख्त रुख

इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हालिया पॉलिसी मिनट्स पर भी ध्यान केंद्रित है। आरबीआई के नीति निर्माताओं ने एक सतर्क रुख अपनाया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अगर आने वाले महीनों में महंगाई का खतरा बढ़ता है, तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है। इस सख्त रवैये ने बॉन्ड बाज़ार को संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि मौद्रिक नीति में किसी भी तरह की सख्ती से सरकारी सिक्योरिटीज की यील्ड (Yields) स्वाभाविक रूप से बढ़ जाएगी।

आगे क्या?

तकनीकी तौर पर, बेंचमार्क 6.94% 2036 बॉन्ड में स्थिर ट्रेडिंग की उम्मीद है, और यील्ड एक निश्चित दायरे में रहने का अनुमान है। ट्रेडर इस बात पर कड़ी नजर रख रहे हैं कि जारी भू-राजनीतिक स्थिति पर वैश्विक तेल की कीमतों का क्या असर पड़ता है। बाज़ार इस शुक्रवार को जारी होने वाले सरकारी बॉन्ड की नई सप्लाई के लिए भी तैयार हो रहा है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि बुधवार को स्थानीय अवकाश के कारण भारतीय बॉन्ड बाज़ार बंद रहेगा, जो इस छोटे सप्ताह के बाकी दिनों के ट्रेडिंग वॉल्यूम को प्रभावित कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.