जिन टैक्सपेयर्स की सालाना टैक्स देनदारी **₹10,000** से ज्यादा है, उनके लिए **15 सितंबर 2026** तक कुल टैक्स का **45%** भुगतान करना अनिवार्य है। यह नियम बिजनेस और फ्रीलांसर्स के लिए बेहद जरूरी है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एडवांस टैक्स की दूसरी किस्त को लेकर अलर्ट जारी किया है। यह तारीख बिजनेस मालिकों, फ्रीलांसर्स, प्रोफेशनल और उन निवेशकों के लिए काफी महत्वपूर्ण है, जिनकी आय सैलरी के अलावा अन्य स्रोतों जैसे कैपिटल गेन्स या रेंटल इनकम से आती है।
अनुपालन और नियम (Compliance)
यदि आपकी अनुमानित वार्षिक टैक्स देनदारी TDS और TCS के बाद ₹10,000 से अधिक है, तो आपको इस फाइनेंशियल ईयर के कुल टैक्स का 45% हिस्सा 15 सितंबर तक जमा करना ही होगा।
जुर्माने का गणित
समय पर भुगतान न करने पर 'इनकम टैक्स एक्ट, 2025' की सेक्शन 425 के तहत कमी वाली राशि पर 1% प्रति माह की दर से ब्याज देना पड़ सकता है। इसके अलावा, सेक्शन 424 के तहत यदि साल के अंत तक कुल एडवांस टैक्स अंतिम टैक्स देनदारी के 90% से कम रहता है, तो भी आप पर अतिरिक्त ब्याज का बोझ पड़ सकता है।
सही कैलकुलेशन क्यों है जरूरी?
शेयर बाजार से होने वाली कमाई, डिविडेंड और अन्य निवेशों से होने वाली आय में उतार-चढ़ाव आता रहता है। अक्सर लोग अपनी आय का सही अनुमान नहीं लगा पाते, जिससे वे कम टैक्स जमा करते हैं और बाद में पेनल्टी के शिकार होते हैं। ध्यान रहे, 60 वर्ष से अधिक आयु के वे सीनियर सिटीजन्स, जिनकी कोई बिजनेस इनकम नहीं है, उन्हें इस नियम से छूट दी गई है। अगली यानी तीसरी किस्त 75% टैक्स के साथ 15 दिसंबर 2026 को देय होगी, इसलिए अपने कैश फ्लो की प्लानिंग अभी से कर लें।
