ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई है। अमेरिका में बढ़ती महंगाई के डर से मेटल और एनर्जी स्टॉक्स पर दबाव है, लेकिन IT शेयरों की खरीदारी और DIIs के सपोर्ट से Nifty और Sensex ने शानदार वापसी की है।
गुरुवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजारों ने जबरदस्त मजबूती दिखाई। Nifty में 0.32% की तेजी दर्ज की गई, वहीं Sensex 281 अंक चढ़कर बंद हुआ। बाजार की इस बढ़त के पीछे सबसे बड़ा हाथ IT सेक्टर का रहा, जिसने ग्लोबल अनिश्चितता के बीच निवेशकों को एक सुरक्षित सहारा दिया।
IT शेयरों में क्यों है भरोसा?
Infosys, HCL Technologies और Tata Consultancy Services जैसे दिग्गजों में अच्छी खरीदारी देखी गई। जानकारों का मानना है कि IT कंपनियां अपना बड़ा रेवेन्यू डॉलर में कमाती हैं, जिससे रुपये की कमजोरी के दौर में ये कंपनियां 'हेज' (Hedge) का काम करती हैं। निवेशक अब आगामी तिमाही नतीजों पर नजर गड़ाए हुए हैं।
ग्लोबल टेंशन का असर
बाजार पर ग्लोबल दबाव साफ दिख रहा है। अमेरिका का सितंबर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स 3.7% रहा, जो 3.6% के अनुमान से अधिक है। इस 'हॉट' डेटा के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका ने Nikkei 225 और KOSPI जैसे एशियाई बाजारों को हिला दिया है।
मेटल और एनर्जी सेक्टर में बिकवाली
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें $105 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। इसका सीधा असर मेटल और एनर्जी स्टॉक्स पर पड़ा, जिसके चलते Adani Enterprises और Adani Ports जैसे शेयरों में बिकवाली दिखी।
संस्थागत निवेशकों की जंग
बाजार में एक तरफ विदेशी निवेशक (FIIs) सावधानी बरत रहे हैं और उन्होंने पिछले सत्र में ₹1,857 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं, दूसरी ओर डोमेस्टिक इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने ₹2,670 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को गिरने से बचा लिया। अब बाजार की नजर Wipro, Tech Mahindra, Nestlé India और HDFC Life के नतीजों पर टिकी है, जो बाजार की अगली दिशा तय करेंगे।
