Election Funding Scam: गुजरात की 3 पार्टियों पर IT विभाग का शिकंजा, **₹560 करोड़** की टैक्स चोरी का आरोप

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Election Funding Scam: गुजरात की 3 पार्टियों पर IT विभाग का शिकंजा, **₹560 करोड़** की टैक्स चोरी का आरोप

गुजरात की तीन राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ इनकम टैक्स विभाग ने एक बड़े डोनेशन लॉन्ड्रिंग रैकेट का खुलासा किया है। आरोप है कि ये पार्टियां फर्जी रसीदें जारी कर दाताओं को टैक्स बेनिफिट दिला रही थीं, जिससे सरकारी खजाने को **₹560 करोड़** का चूना लगा है।

इनकम टैक्स विभाग की जांच के दायरे में आई इन पार्टियों ने डोनेशन के नाम पर एक जटिल नेटवर्क खड़ा किया था। कुल ₹1,869 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन की जांच की जा रही है। जांचकर्ताओं के अनुसार, ये पार्टियां बैंकिंग चैनल्स जैसे RTGS और चेक के जरिए चंदा लेती थीं, लेकिन इस पैसे का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों के बजाय शेल कंपनियों के जरिए वापस दानदाताओं को पहुंचाने के लिए किया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में पार्टियों ने 2% से लेकर 10% तक का कमीशन वसूला।

प्रमुख पार्टियां और आंकड़े

जांच का केंद्र बिंदु 'भारतीय नेशनल जनता दल' (BNJD) है। रिकॉर्ड्स बताते हैं कि इस पार्टी को 2019 से 2025 के बीच 56,000 से ज्यादा लोगों से ₹1,143 करोड़ मिले, जिससे करीब ₹343 करोड़ की टैक्स चोरी हुई। इस मामले में पार्टी प्रेसिडेंट सुरेंद्र विट्ठलभाई गजेरा मुख्य आरोपी हैं। इसके अलावा, 'गरीब कल्याण पार्टी' और 'स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी' की भूमिका भी संदिग्ध है। गरीब कल्याण पार्टी ने 2022 से 2026 के बीच बिना उचित अकाउंट्स के ₹206 करोड़ का चंदा लिया, जिससे सरकार को ₹62 करोड़ का नुकसान हुआ।

चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका

आईटी विभाग ने उन प्रोफेशनल्स पर भी नजरें टेढ़ी कर दी हैं, जिन्होंने इन पार्टियों के फर्जी ऑडिट रिपोर्ट्स को मंजूरी दी थी। बिना किसी वेरिफिकेशन के गलत दस्तावेज साइन करने के आरोप में कई चार्टर्ड अकाउंटेंट्स अब जांच के घेरे में हैं। फिलहाल, चुनाव आयोग के साथ मिलकर डिजिटल सबूतों और हवाला रिसिप्ट्स की गहन पड़ताल जारी है।

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