बाजार के 'डिफेंसिव' माने जाने वाले IT और FMCG शेयर अब सुस्त पड़ रहे हैं। जहां Nifty 50 ने तीन साल में **17%** का रिटर्न दिया है, वहीं इन सेक्टरों में या तो ठहराव है या गिरावट, जिसके चलते निवेशक अब फाइनेंस और इंफ्रा जैसे क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं।
सालों से भारतीय निवेशकों के लिए IT और FMCG सेक्टर निवेश का सबसे सुरक्षित ठिकाना रहे हैं। इन्हें 'डिफेंसिव' माना जाता था, जो बाजार की गिरावट में भी पोर्टफोलियो को बचाए रखते थे। लेकिन अब हवा बदल चुकी है। पिछले 3 सालों के डेटा पर नजर डालें, तो Nifty IT इंडेक्स में कोई खास हलचल नहीं दिखी है, जबकि Nifty FMCG इंडेक्स 16% तक टूट चुका है। इसके उलट, ब्रॉड मार्केट इंडेक्स Nifty 50 ने 17% की तेजी दिखाई है।\n\n### IT सेक्टर: डिजिटल बूम का ठंडा पड़ना\nIT शेयरों की कमजोरी की मुख्य वजह क्लाइंट्स के खर्च में आई कमी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भले ही भविष्य का गेम-चेंजर हो, लेकिन अभी इससे बिजनेस मॉडल पर पड़ने वाला असर साफ नहीं है। निवेशकों को जो स्टेबल कंपाउंडिंग यहां मिलती थी, अब वह पहले जैसी नहीं रही।\n\n### FMCG: क्विक-कॉमर्स की बड़ी चुनौती\nFMCG कंपनियां अपने पुराने डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल को लेकर दबाव में हैं। क्विक-कॉमर्स (Quick-commerce) और छोटे नए ब्रांड्स के आने से मार्केट में कॉम्पिटिशन बढ़ गया है। इन दिग्गजों को अब अपनी बाजार हिस्सेदारी बचाने के लिए भारी-भरकम खर्च करना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर उनके प्रॉफिट मार्जिन पर दिख रहा है।\n\n### कहां जा रहा है पैसा?\nडिफेंसिव सेक्टर से निराश निवेशक अब उन क्षेत्रों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं जहां ग्रोथ साफ दिख रही है, जैसे कि फाइनेंशियल सर्विसेज, हेल्थकेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर। साथ ही, अब निवेशक REITs और InvITs जैसे विकल्पों पर भी गौर कर रहे हैं ताकि पोर्टफोलियो में स्थिरता बनी रहे।\n\nएक्सपर्ट्स की सलाह है कि सिर्फ कीमत कम देखकर IT या FMCG शेयर खरीदना सही नहीं है। अब समय 'सेक्टर' की बजाए कंपनियों के बिजनेस मॉडल और उनकी वॉल्यूम-बेस्ड ग्रोथ को बारीकी से समझने का है।
