IMF Growth Forecast: भारत की रफ्तार कायम! **7%** पर बरकरार रखा GDP टारगेट, जानें क्या है रिस्क

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AuthorMehul Desai|Published at:
IMF Growth Forecast: भारत की रफ्तार कायम! **7%** पर बरकरार रखा GDP टारगेट, जानें क्या है रिस्क

इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान **7%** पर स्थिर रखा है। हालांकि अल-नीनो जैसे जलवायु जोखिमों पर नजर है, लेकिन घरेलू मांग और सर्विस सेक्टर का प्रदर्शन भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है।

IMF ने अपनी हालिया रिपोर्ट में भारत की इकोनॉमी पर भरोसा जताते हुए ग्रोथ का अनुमान 7% पर बरकरार रखा है। यह आंकड़ा तब आया है जब ग्लोबल लेवल पर कई देशों की अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ रही है। IMF के अनुसार, भारत की घरेलू डिमांड और सर्विस सेक्टर में जबरदस्त दम-खम है, जो किसी भी बाहरी झटके को झेलने में सक्षम है।

क्लाइमेट रिस्क और फूड इंफ्लेशन

इन्वेस्टर्स के लिए चिंता की बात यह है कि 'सुपर अल-नीनो' के कारण मानसून में अनिश्चितता रह सकती है। अगर बारिश का पैटर्न बिगड़ता है, तो फसल की पैदावार प्रभावित होगी और फूड इंफ्लेशन यानी खाने-पीने की चीजों की महंगाई बढ़ सकती है। भारत में महंगाई का सीधा असर कंजम्पशन और रूरल डिमांड पर पड़ता है।

RBI और इंटरेस्ट रेट का कनेक्शन

अगर महंगाई बढ़ती है, तो RBI के लिए ब्याज दरों (Interest Rates) में कटौती करना मुश्किल हो जाएगा। ऊंचे ब्याज दर का मतलब है कि लोन महंगे बने रहेंगे, जो कंपनियों के लिए एक्सपेंशन और आम लोगों के लिए खर्च करना महंगा बना देता है। निवेशकों की नजर अब जनवरी में आने वाली IMF की 'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक' रिपोर्ट पर है, साथ ही RBI की अगली कमेंट्री और मंथली महंगाई के आंकड़ों पर भी पैनी नजर रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.