All IITs Placement Committee (AIPC) ने 22 कंपनियों को कैंपस प्लेसमेंट से ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इन कंपनियों ने 2026 बैच के छात्रों के **150** से ज्यादा जॉब ऑफर्स को अचानक वापस ले लिया था, जिससे अब इनके भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सख्त कदम क्यों उठाना पड़ा?
All IITs Placement Committee (AIPC) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए इन 22 कंपनियों को अगले 2 प्लेसमेंट सीजन के लिए कैंपस से पूरी तरह बाहर कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब बार-बार कहने के बावजूद कंपनियों ने 150 से ज्यादा ऑफर लेटर्स को रद्द कर दिया। AIPC का मानना है कि छात्रों के करियर के साथ इस तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कौन सी कंपनियां हैं निशाने पर?
इस लिस्ट में कई स्टार्टअप्स के साथ बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अकेले Oracle ने ही लगभग 40 छात्रों के जॉब ऑफर्स वापस लिए थे। अब इन कंपनियों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत यह है कि उन्हें देश के टॉप इंजीनियरिंग टैलेंट तक पहुंच नहीं मिलेगी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जॉब ऑफर्स का इस तरह से वापस लिया जाना केवल एक पॉलिसी फेलियर नहीं है, बल्कि यह कंपनियों के भीतर चल रहे गहरे फाइनेंशियल दबाव का संकेत हो सकता है। अक्सर कंपनियां जब कॉस्ट कटिंग (Cost Cutting) के दौर से गुजरती हैं या लिक्विडिटी क्रंच (Liquidity Crunch) का सामना करती हैं, तो ऐसी खबरें सामने आती हैं।
फिलहाल, संबंधित IITs अपने छात्रों के लिए विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। राहत की बात यह है कि करीब 20% से 30% प्रभावित छात्र अन्य भूमिकाओं में प्लेसमेंट पाने में सफल भी रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या यह बैन कंपनियों की हायरिंग पॉलिसी में कोई बड़ा बदलाव ला पाता है या नहीं।
