Howard Marks की चेतावनी: US Dollar पर मंडराया संकट, घट सकती है वैल्यू

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AuthorAditya Rao|Published at:
Howard Marks की चेतावनी: US Dollar पर मंडराया संकट, घट सकती है वैल्यू

Oaktree Capital के Howard Marks ने अमेरिकी डॉलर के भविष्य को लेकर बड़ी चिंता जताई है। उनका मानना है कि बढ़ते सरकारी कर्ज और ब्याज की लागत डॉलर की क्रय शक्ति (purchasing power) के लिए खतरा बन सकती है।

डॉलर की बादशाहत खतरे में?

दिग्गज निवेशक Howard Marks का मानना है कि भले ही आज 89% ग्लोबल ट्रांजेक्शन डॉलर में होते हों, लेकिन अमेरिका का बढ़ता राजकोषीय घाटा (fiscal deficit) इसकी नींव हिला सकता है। उन्होंने डॉलर को एक 'गोल्डन क्रेडिट कार्ड' बताया है, जिसे छापकर अमेरिका अपना खर्च चला रहा है।

आंकड़ों का खेल और जोखिम

  • अमेरिका का घाटा GDP के करीब 6% तक पहुंच चुका है।
  • सालाना ब्याज का भुगतान $1 ट्रिलियन के पार जाने का अनुमान है।

Marks का कहना है कि यह संकट बाहरी देशों से नहीं, बल्कि अमेरिका के अंदरूनी मैनेजमेंट से है। इससे डॉलर की वैल्यू धीरे-धीरे कम (debasement) हो सकती है, जिससे पूरी दुनिया के बाजारों पर असर पड़ेगा।

निवेशकों के लिए सलाह

ज्यादातर निवेशक सोचते हैं कि अमेरिकी स्टॉक्स से पैसा निकालकर बॉन्ड्स या बैंक डिपॉजिट में डालने से वे सुरक्षित हैं। लेकिन Marks के अनुसार, अगर डॉलर ही कमजोर हुआ, तो ये सभी एसेट क्लास प्रभावित होंगे। वे सलाह देते हैं कि निवेशक केवल डॉलर आधारित एसेट्स में न रहें, बल्कि सोने (Gold) या अंतरराष्ट्रीय रियल एस्टेट जैसे विकल्पों में भी निवेश करें।

भारतीय निवेशकों पर क्या होगा असर?

जो भारतीय निवेशक US टेक स्टॉक्स या ग्लोबल ETFs में पैसा लगा रहे हैं, उन्हें सतर्क रहना चाहिए। अगर डॉलर कमजोर होता है, तो आपके विदेशी निवेश का रिटर्न (रुपये में कंवर्ट करने पर) कम हो सकता है। साथ ही, डॉलर में कमजोरी का असर भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट्स में FII के फ्लो पर भी पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.