Himalayan Glacier Melt: भारत की GDP पर मंडराया बड़ा खतरा, **20%** इकोनॉमी संकट में

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Himalayan Glacier Melt: भारत की GDP पर मंडराया बड़ा खतरा, **20%** इकोनॉमी संकट में

साल 2026 की एक नई स्टडी ने सबको चौंका दिया है। हिमालय के ग्लेशियर अब एक दशक पहले की तुलना में **65%** तेजी से पिघल रहे हैं, जो भारत की **20%** GDP पैदा करने वाले क्षेत्रों की जल सुरक्षा के लिए बड़ा जोखिम बन गए हैं।

सितंबर 2026 में जारी एक मल्टी-इंस्टीट्यूशनल स्टडी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Systemiq, ICIMOD और G.B. Pant National Institute of Himalayan Environment की रिसर्च बताती है कि हिमालय के ग्लेशियर अब 65% तेज रफ्तार से पिघल रहे हैं।\n\nइस तेजी से पिघलते बर्फ के कारण इलाका 'पीक वाटर' (peak water) की स्थिति की ओर बढ़ रहा है। इसके बाद नदियों के बहाव में भारी गिरावट आएगी। चूंकि हिमालयी नदियां भारत के बड़े औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों की लाइफलाइन हैं, इसलिए जल स्तर में कोई भी कमी देश की कुल इकोनॉमी के लिए बड़ा खतरा है।\n\n### हाइड्रोपावर सेक्टर पर बड़ा रिस्क\nसबसे बड़ा आर्थिक खतरा हाइड्रोपावर सेक्टर को है। उत्तर भारत में करीब ₹2.4 लाख करोड़ का निवेश ऐसे प्रोजेक्ट्स में लगा है जो पूरी तरह से नदियों के स्थिर बहाव पर निर्भर हैं। अगर ग्लेशियर तेजी से पीछे हटते हैं, तो इन प्रोजेक्ट्स का भविष्य अनिश्चित हो सकता है। इसके अलावा, इंडो-गैंगेटिक प्लेन की खेती, जो भारत की फूड सिक्योरिटी की रीढ़ है, पानी के अभाव में बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।\n\n### आपदा का बढ़ता खतरा\nस्टडी में भारत की करीब 200 ग्लेशियल झीलों को 'हाई रिस्क' की श्रेणी में रखा गया है, जिसमें 56 झीलें तो बेहद खतरनाक स्तर पर हैं। अगस्त 2026 में नेपाल-तिब्बत सीमा पर हुई त्रासदी, जिसमें 1,300 से ज्यादा लोगों की जान गई थी, इसी तरह के भौगोलिक अस्थिरता का परिणाम थी।\n\nचिंताजनक बात यह है कि हिंदू-कुश हिमालय रेंज के 40,000 ग्लेशियरों में से केवल 21 पर ही ग्राउंड मॉनिटरिंग हो रही है। डेटा की इस भारी कमी के कारण किसी भी बड़ी आपदा को समय रहते भांपना फिलहाल मुमकिन नहीं है। अब निवेशकों और सरकार के लिए नई टेक्नोलॉजी और सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश ही एकमात्र रास्ता बचा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.