30 अक्टूबर को भारतीय बाजार में भारी उठापटक देखी गई। Hikal को स्विस रेगुलेटर से बड़ी मंजूरी मिलने पर शेयर **7%** उछल गया, जबकि कमजोर नतीजों के चलते Suzlon Energy और Paradeep Phosphates के शेयरों में बिकवाली रही।
30 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में मिले-जुले रुझान देखने को मिले। जहाँ एक तरफ कंपनी के मजबूत ऑपरेशनल माइलस्टोन पर निवेशकों ने भरोसा जताया, वहीं दूसरी तरफ कमजोर प्रॉफिट दिखाने वाली कंपनियों को मार्केट ने हाथो-हाथ दंडित किया।
Hikal को मिली बड़ी रेगुलेटरी जीत
फार्मा कंपनी Hikal के निवेशकों के लिए आज का दिन शानदार रहा। कंपनी को Swiss Agency for Therapeutic Products से GMP कंप्लायंस सर्टिफिकेट मिला है। यह मंजूरी कंपनी के बेंगलुरु प्लांट के लिए है, जो अब यूरोप और स्विट्जरलैंड जैसे कड़े नियमों वाले बाजारों में बिजनेस करने का रास्ता साफ करती है। इस खबर के बाद शेयर में 7% की तेजी दर्ज की गई।
Suzlon और Paradeep पर नतीजों का दबाव
मार्केट का मूड कमजोर नतीजों वाली कंपनियों के प्रति सख्त रहा। Suzlon Energy का नेट प्रॉफिट गिरकर ₹394.2 करोड़ रहने के कारण शेयर 8% टूट गया। वही हाल Paradeep Phosphates का रहा, जिसके मुनाफे में 69% की भारी गिरावट के बाद शेयर 9% तक गिर गया। उर्वरक (Fertilizer) सेक्टर में बढ़ती इनपुट कॉस्ट का असर इनके मार्जिन पर साफ दिख रहा है।
लार्ज कैप में प्रॉफिट-बुकिंग
बाजार में मुनाफे का सिलसिला भी जारी है। Coal India ने 53% के जोरदार उछाल के साथ ₹6,516.1 करोड़ का मुनाफा कमाया, फिर भी प्रॉफिट-बुकिंग के चलते शेयर 2% नीचे बंद हुआ। दूसरी ओर, InterGlobe Aviation के शानदार आंकड़ों ने बाजी पलट दी। कंपनी का EBITDAR 121% बढ़ा है और नुकसान सिमटकर ₹1,879.1 करोड़ रह गया है, जिससे शेयर में 4% की तेजी दिखी।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार अब केवल रेवेन्यू नहीं, बल्कि सस्टेनेबल प्रॉफिट मार्जिन पर ध्यान दे रहा है। विशेषकर कमोडिटी-लिंक्ड सेक्टर में इनपुट कॉस्ट पर नजर रखना जरूरी है। निवेशकों को सलाह है कि अगली तिमाहियों में इन कंपनियों के मार्जिन रिकवरी पर पैनी नजर रखें।
