सरकारी कंपनी HLL Lifecare अपने फार्मेसी नेटवर्क का तेजी से विस्तार करने जा रही है। कंपनी पूरे भारत में 600 आउटलेट्स खोलने की तैयारी में है, जिसके लिए करीब 2,500 नए फार्मासिस्टों की भर्ती की जाएगी।
बड़े विस्तार की तैयारी
मिनिरत्न कंपनी HLL Lifecare अपने रिटेल सेक्टर में प्रवेश के 15 साल पूरे होने के मौके पर एक बड़े विस्तार की योजना बना रही है। कंपनी अगले 12 महीनों के भीतर अपने फार्मेसी नेटवर्क को 600 आउटलेट्स तक ले जाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत की पब्लिक हेल्थ फैसिलिटीज में सस्ती दवाओं की उपलब्धता को मजबूत करना है।
कैसे बढ़ेगा नेटवर्क?
यह विस्तार मुख्य रूप से सरकारी और PSU पार्टनरशिप पर टिका है। HLL Lifecare मेडिकल कॉलेजों, पोर्ट ट्रस्ट अस्पतालों और Coal India Ltd., Eastern Coalfields Ltd. और National Mineral Development Corporation जैसी बड़ी सरकारी संस्थाओं के परिसरों के भीतर अपनी फार्मेसी सर्विस शुरू कर रही है। इससे उन लोगों तक दवाएं आसानी से पहुंचेंगी, जिनकी निजी रिटेल चेन तक पहुंच सीमित है।
बड़ी मैनपावर की चुनौती
नेटवर्क को संभालने के लिए कंपनी के सामने वर्कफोर्स का बड़ा चैलेंज है। कंपनी अपने स्टाफ की संख्या को 2,000 से बढ़ाकर 4,500 करने की योजना बना रही है। इतने बड़े स्तर पर क्वालीफाइड फार्मासिस्टों की भर्ती और उन्हें ट्रेनिंग देना एक बड़ी चुनौती हो सकती है। कंपनी का साफ कहना है कि उनका फोकस मुनाफे (Commercial Margins) से ज्यादा पब्लिक हेल्थ आउटकम पर है, जो उन्हें Apollo Pharmacy और MedPlus जैसी निजी कंपनियों से अलग बनाता है।
रिस्क और चुनौतियां
हालांकि यह मॉडल सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए फायदेमंद है, लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि HLL Lifecare को सप्लाई चेन और इन्वेंट्री मैनेजमेंट में कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। निजी कंपनियों के मुकाबले कम मार्जिन वाला मॉडल होने के कारण, सरकारी पार्टनर्स का निरंतर सहयोग और कुशल संचालन ही इसकी सफलता की कुंजी तय करेगा।
