गुजरात सरकार ने चालू फाइनेंशियल ईयर में **₹75,000 करोड़** से ज्यादा का नया निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है। अपनी नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी के दम पर राज्य सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर पर दांव लगा रहा है।
निवेश का बड़ा रोडमैप
ASSOCHAM की हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुजरात ने अपनी 'Viksit Gujarat Industrial Policy 2026' के तहत कुल ₹10 लाख करोड़ का निवेश जुटाने का मेगा प्लान तैयार किया है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए राज्य ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹75,000 करोड़ का शुरुआती टारगेट सेट किया है।
फोकस एरिया: सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी
राज्य सरकार का पूरा जोर हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग पर है। इसमें धोलरा में सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स और जामनगर में सोलर व ग्रीन हाइड्रोजन जैसे प्रोजेक्ट्स प्रमुख हैं। सरकार का मकसद गुजरात को ग्लोबल ट्रेड और मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बनाना है।
FDI में शानदार प्रदर्शन
गुजरात ने मार्च 2026 तक USD 55 बिलियन का विदेशी निवेश (FDI) हासिल किया है। NITI Aayog के 2026 'इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स' में भी गुजरात पहले पायदान पर रहा है। अब राज्य जापान, दक्षिण कोरिया, वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे देशों के निवेशकों को लुभाने की कोशिश कर रहा है।
क्या हैं चुनौतियां?
रास्ता पूरी तरह साफ नहीं है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य भी ग्लोबल कैपिटल के लिए आक्रामक रुख अपना रहे हैं। ऐसे में बड़े प्रोजेक्ट्स का सही समय पर जमीन पर उतरना और बदलते ग्लोबल मार्केट के साथ तालमेल बिठाना, निवेशकों के लिए एक बड़ा टेस्ट होगा।
