Vibrant Gujarat 2027: चेन्नई और जयपुर में गुजरात सरकार का शक्ति प्रदर्शन, Dholera पर निवेशकों की नजर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Vibrant Gujarat 2027: चेन्नई और जयपुर में गुजरात सरकार का शक्ति प्रदर्शन, Dholera पर निवेशकों की नजर

Vibrant Gujarat Global Summit 2027 की तैयारियों के बीच गुजरात सरकार ने चेन्नई और जयपुर में रोड शो शुरू किए हैं। इसका मकसद Dholera इंडस्ट्रियल हब और सेमीकंडक्टर पॉलिसी के जरिए बड़े निवेश को आकर्षित करना है।

गुजरात सरकार ने 10 से 12 जनवरी 2027 तक गांधीनगर में होने वाले 11वें 'वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट' के लिए अपना जोर बढ़ा दिया है। तमिलनाडु और राजस्थान के औद्योगिक इकोसिस्टम को देखते हुए राज्य के अधिकारियों ने चेन्नई और जयपुर में रोड शो आयोजित किए हैं। इस मिशन का मुख्य केंद्र सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी और ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स का मैन्युफैक्चरिंग हब बनना है।

Dholera SIR और इंडस्ट्रियल एक्सपेंशन

राज्य सरकार का पूरा ध्यान Dholera Special Investment Region (SIR) पर है, जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप मेकिंग के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार अशोक लेलैंड, सेंट-गोबेन, सालकॉम और KLA जैसी दिग्गज कंपनियों को लुभाने के लिए अपनी पोर्ट कनेक्टिविटी और आकर्षक लैंड पॉलिसी का हवाला दे रही है। इसके अलावा, वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का फायदा उठाकर लॉजिस्टिक लागत को कम करने का वादा भी निवेशकों को दिया जा रहा है।

निवेश का गणित और चुनौतियां

निवेशकों के लिए यह एक कड़ा मुकाबला है, क्योंकि तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्य भी इंसेंटिव्स की रेस में आगे हैं। केवल सब्सिडी ही काफी नहीं है, अब कंपनियां इंफ्रास्ट्रक्चर की टाइमलाइन, बिजली की निरंतरता और लेबर की उपलब्धता को भी बारीकी से देख रही हैं। सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के साथ तालमेल बिठाकर गुजरात कितनी जल्दी जमीन पर काम शुरू कर पाता है। आगामी समिट में होने वाले निवेश के बड़े ऐलान निवेशकों के लिए नए संकेत दे सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.