गुजरात के जीएसटी कलेक्शन में वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में शानदार **29%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य का कुल कलेक्शन **₹49,858 करोड़** तक पहुंच गया है, जो नेशनल औसत से कहीं ज्यादा है और राज्य में मजबूत इंडस्ट्रियल एक्टिविटी की गवाही देता है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में गुजरात की आर्थिक सेहत काफी मजबूत नजर आ रही है। राज्य ने अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच कुल ₹49,858 करोड़ का जीएसटी कलेक्शन किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹38,540 करोड़ था। गौर करने वाली बात यह है कि टैक्स की दरों में कटौती के बावजूद रेवेन्यू में यह उछाल इंडस्ट्रियल और कमर्शियल एक्टिविटी में बड़ी तेजी को दिखाता है।
सितंबर का दमदार प्रदर्शन
सिर्फ सितंबर के महीने में राज्य ने 35% की ग्रोथ के साथ ₹8,167 करोड़ जुटाए। यह नेशनल जीएसटी ग्रोथ रेट 14.7% के मुकाबले काफी ज्यादा है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, बेहतर इंडस्ट्रियल हालातों और टैक्सपेयर्स द्वारा स्वैच्छिक अनुपालन (voluntary compliance) ने इन आंकड़ों को नई ऊंचाई दी है।
रेवेन्यू के अन्य स्रोत
गुजरात की आर्थिक मजबूती सिर्फ जीएसटी तक सीमित नहीं है। सितंबर में राज्य को वैट (VAT) से ₹2,930 करोड़ और इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी से ₹1,102 करोड़ की कमाई हुई। यदि इसमें प्रोफेशनल टैक्स को भी जोड़ दिया जाए, तो केवल सितंबर महीने का कुल टैक्स इनटेक ₹12,222 करोड़ रहा।
निवेशकों के लिए संकेत
निवेशकों के लिए ये आंकड़े गुजरात के इंडस्ट्रियल हब होने का सबूत हैं। चूंकि राज्य मैन्युफैक्चरिंग, केमिकल, फार्मा और टेक्सटाइल सेक्टर का बड़ा केंद्र है, इसलिए टैक्स कलेक्शन में लगातार बढ़ोतरी का मतलब है कि यहां प्रोडक्शन और खपत दोनों का स्तर स्थिर और उच्च बना हुआ है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या यह रफ्तार वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में भी बनी रहेगी या नहीं।
