प्याज की बढ़ती कीमतों को काबू में करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब **1.21 लाख मीट्रिक टन** का बफर स्टॉक **₹35 प्रति किलो** की रियायती दर पर बाजार में उतारा जा रहा है, ताकि त्योहारी सीजन में आम आदमी को राहत मिल सके।
महंगाई पर प्रहार
महंगाई से जूझ रहे आम नागरिकों को राहत देने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। सरकार ने 1.21 लाख मीट्रिक टन (LMT) प्याज के बफर स्टॉक को तुरंत रिलीज करने का फैसला किया है। यह प्याज NCCF और NAFED जैसी सरकारी एजेंसियों के जरिए देशभर में ₹35 प्रति किलो की सब्सिडी वाली दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा।
'Kanda Express' का कमाल
सप्लाई को दुरुस्त रखने के लिए सरकार ने हाइब्रिड लॉजिस्टिक्स रणनीति अपनाई है। दिल्ली, चेन्नई और गुवाहाटी जैसे बड़े शहरों तक स्टॉक की त्वरित डिलीवरी के लिए 'Kanda Express' रेल रेक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो सड़क मार्ग के मुकाबले काफी तेज है। इससे ट्रांजिट लॉस कम होगा और अचानक आने वाली सप्लाई की किल्लत से बचा जा सकेगा।
स्टोरेज में बड़ा बदलाव
इस बार सरकार ने प्याज की क्वालिटी पर विशेष ध्यान दिया है। स्टॉक के प्रबंधन की जिम्मेदारी Central Warehousing Corporation (CWC) को सौंप दी गई है। प्राइवेट ट्रेडर्स के बजाय वैज्ञानिक तरीके से स्टोरेज और थर्ड-पार्टी क्वालिटी चेक अनिवार्य कर दिए गए हैं, ताकि बाजार में प्याज की गुणवत्ता बनी रहे।
इकोनॉमी पर असर
मैक्रो-इकोनॉमिक दृष्टिकोण से देखें तो प्याज की कीमतों का सीधा असर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर पड़ता है। सरकार ने 2025-26 फाइनेंशियल ईयर के लिए कुल 307.37 लाख टन के उत्पादन का अनुमान लगाया है। फिलहाल, बफर स्टॉक का मकसद स्पेकुलेटिव प्राइस बढ़ोतरी को रोकना और त्योहारी सीजन की डिमांड को पूरा करना है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि यह वितरण नेटवर्क कितनी तेजी से रिटेल कीमतों को ठंडा कर पाता है।
