सड़क परिवहन मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में तीस्ता नदी पर **6.9 किलोमीटर** लंबे और **6 लेन** के पुल को मंजूरी दे दी है। **₹1,176 करोड़** के इस प्रोजेक्ट से नॉर्थ-ईस्ट और सिक्किम के लिए लॉजिस्टिक्स की राह आसान होगी।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के सेवोक में तीस्ता नदी पर एक नए 6-लेन पुल के निर्माण को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। ₹1,176 करोड़ के इस निवेश में पुल और एप्रोच रोड का निर्माण शामिल है, जिसकी कुल लंबाई 6.9 किलोमीटर होगी। यह कदम NH-10 पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम को कम करने की सरकारी पहल का हिस्सा है, जो पूर्वोत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन है।
क्यों है यह प्रोजेक्ट खास?
सेवोक क्षेत्र को सिक्किम का प्रवेश द्वार माना जाता है, जहाँ संकीर्ण रास्तों के कारण ट्रैफिक का दबाव काफी अधिक रहता है। सरकार इस पुल के जरिए कनेक्टिविटी को मजबूत बनाना चाहती है। निवेशकों के लिए यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पूर्वोत्तर भारत में चल रहे हजारों करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन का हिस्सा है।
कंपनियों के लिए क्या हैं संकेत?
इस मंजूरी के साथ ही प्रोजेक्ट अब टेंडरिंग फेज में प्रवेश करेगा। इस कॉन्ट्रैक्ट को EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मॉडल पर पूरा किया जाएगा, जिसमें सरकारी भुगतान के बदले कंपनियां निर्माण का जिम्मा उठाएंगी। हालांकि, दार्जिलिंग जैसे पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में लैंड एक्विजिशन, भौगोलिक चुनौतियां और एनवायर्नमेंटल क्लीयरेंस जैसे जोखिम हमेशा बने रहते हैं, जिसका असर कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ सकता है।
आने वाले दिनों में टेंडर की तारीखें और प्रोजेक्ट की डेडलाइन ही यह तय करेंगी कि किस कंस्ट्रक्शन कंपनी को इसका सबसे बड़ा फायदा मिलेगा।
