Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI) अपने 2027-28 के Annual Survey of Unincorporated Sector Enterprises (ASUSE) को नई रूपरेखा दे रही है। अब इस सर्वे में महिला उद्यमियों के सामने आने वाली चुनौतियों, कैपिटल स्पेंडिंग और एनर्जी यूसेज पर भी खास फोकस किया जाएगा ताकि इनफॉर्मल सेक्टर की हकीकत बेहतर तरीके से समझी जा सके।
महिला एंटरप्रेन्योरशिप और कैपिटल ग्रोथ पर जोर
पहली बार, यह सर्वे महिला-संचालित व्यवसायों के सामने आने वाली विशिष्ट बाधाओं को औपचारिक रूप से मापेगा। सरकार का उद्देश्य यह समझना है कि महिला उद्यमियों को क्रेडिट या बुनियादी ढांचे तक पहुँचने में कहाँ सबसे अधिक संघर्ष करना पड़ता है। इस डेटा से भविष्य में बेहतर फाइनेंशियल और सोशल सपोर्ट स्कीम बनाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, सर्वे अब केवल शॉर्ट-टर्म डेटा के बजाय कैपिटल स्पेंडिंग और एसेट एक्युमुलेशन (संपत्ति संचय) को लंबे समय तक ट्रैक करेगा। यह बैंकों और फाइनेंशियल एनालिस्ट्स के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पता चलेगा कि छोटे बिजनेस अपने मुनाफे को कैसे री-इन्वेस्ट कर रहे हैं और उनका विस्तार कैसे हो रहा है।
एनर्जी ट्रैकिंग और ऑपरेशनल तालमेल
सर्वे में अब बिजली के स्रोतों और उपयोग को लेकर भी नए सवाल शामिल किए गए हैं। ऊर्जा की खपत पर नजर रखने से औद्योगिक माहौल और छोटे व्यवसायों की इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों का सही आकलन हो सकेगा।
सबसे अहम बदलाव सर्वे के कैलेंडर को फाइनेंशियल ईयर (अप्रैल से मार्च) के साथ अलाइन करना है। इसे Annual Survey of Industries और अन्य बड़े आर्थिक ट्रैकर्स के साथ सिंक्रोनाइज किया जा रहा है, ताकि नेशनल अकाउंट्स की सटीकता बढ़ सके और अलग-अलग सेक्टरों के डेटा की तुलना आसानी से की जा सके। यह कवायद भारत की जमीनी अर्थव्यवस्था की नब्ज को अधिक सटीकता से समझने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
