NEET-UG Exam: क्या अब ऑनलाइन होगा मेडिकल एंट्रेंस? सरकार की बड़ी तैयारी

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
NEET-UG Exam: क्या अब ऑनलाइन होगा मेडिकल एंट्रेंस? सरकार की बड़ी तैयारी

शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) NEET-UG परीक्षा को पेन-पेपर मोड से बदलकर कंप्यूटर-बेस्ड (CBT) बनाने पर विचार कर रहा है। सुरक्षा और निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स इसका खाका तैयार कर रही है।

भारत सरकार देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा, NEET-UG को डिजिटल रूप देने की तैयारी कर रही है। अब तक पेन-पेपर पर आधारित रही यह परीक्षा भविष्य में कंप्यूटर-बेस्ड टेस्टिंग (CBT) मॉडल पर शिफ्ट हो सकती है। 2026 की परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इसके लिए नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में एक हाई-पावर कमेटी का गठन किया गया है, जो इस बड़े बदलाव की व्यवहार्यता और तकनीकी जरूरतों का आकलन कर रही है।

लॉजिस्टिक चुनौतियां और बड़ा पैमाना

यह बदलाव कोई छोटा काम नहीं है। हर साल करीब 25 लाख छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं। हालांकि National Testing Agency (NTA) पहले से ही JEE-Main, CUET-UG और UGC-NET जैसी परीक्षाएं कंप्यूटर के जरिए करवाती है, लेकिन मेडिकल एंट्रेंस का दायरा बहुत बड़ा है। इसके लिए देश भर में सुरक्षित और हाई-कैपेसिटी वाले टेस्टिंग सेंटर्स का एक विशाल नेटवर्क खड़ा करना होगा। सरकार National Medical Commission और स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या न हो।

शिक्षा क्षेत्र पर असर

इस बदलाव से एडटेक (EdTech) कंपनियों और कोचिंग संस्थानों को भी अपने प्लेटफॉर्म्स को डिजिटल एनवायरमेंट के हिसाब से अपडेट करना पड़ेगा। यदि सरकार बड़े पैमाने पर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करती है, तो साइबर सिक्योरिटी, एग्जाम मैनेजमेंट और डिजिटल हार्डवेयर सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं।

जोखिम और निगरानी

सबसे बड़ा सवाल छोटे शहरों के छात्रों की पहुंच का है। हाई-स्पीड इंटरनेट और स्थिर कंप्यूटिंग एनवायरमेंट की कमी किसी भी बड़ी तकनीकी खामी को जन्म दे सकती है। इसके अलावा, देश भर में डिजिटल सेंटर बनाने की लागत पर भी निवेशकों और सरकार की नजर रहेगी। अभी पूरा फोकस नीलेकणी टास्क फोर्स की रिपोर्ट पर है, जिसके आधार पर ही परीक्षा के डिजिटलीकरण का अंतिम रोडमैप तैयार होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.