केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 'Grievance Redressal Rules, 2026' नोटिफाई कर दिए हैं। इसके तहत अब ग्रामीण रोजगार योजनाओं से जुड़ी शिकायतों का निपटारा तय **15** कार्य दिवसों के भीतर करना अनिवार्य होगा, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025' के तहत नए नियम लागू कर दिए हैं। अब किसी भी तरह की शिकायत मिलने के 15 कार्य दिवसों के भीतर उसे हल करना अनिवार्य होगा। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए उठाया गया है।\n\n### तीन-स्तरीय जवाबदेही प्रणाली (Three-Tier Accountability)\n\nनियमों के अनुसार, अब ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर जवाबदेही तय की गई है। शिकायतों की जांच के लिए अधिकारियों को अधिकतम 7 कार्य दिवस का समय दिया जाएगा। इसके लिए एक डिजिटल ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म भी बनाया गया है, जहाँ डाक या व्यक्तिगत रूप से आने वाली शिकायतों को भी अगले दिन तक डिजिटाइज़ करना जरूरी होगा। यदि 15 दिनों की समय सीमा में समाधान नहीं हुआ, तो सिस्टम खुद-ब-खुद मामले को उच्च स्तर पर 'एस्केलेट' कर देगा।\n\n### निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?\n\nभारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ग्रामीण रोजगार योजनाएं 'डिमांड' का इंजन होती हैं। जब इन योजनाओं के जरिए लोगों को समय पर भुगतान और काम मिलता है, तो ग्रामीण परिवारों की आय में स्थिरता आती है। यह स्टेबिलिटी सीधे तौर पर FMCG, टू-व्हीलर और ट्रैक्टर कंपनियों के सेल्स वॉल्यूम को प्रभावित करती है।\n\n### चुनौतियां और भविष्य\n\nडिजिटल-फर्स्ट अप्रोच के बावजूद, जमीनी स्तर पर इंटरनेट कनेक्टिविटी और प्रशासनिक कार्यभार जैसे मुद्दे बड़ी चुनौती हो सकते हैं। जुलाई 2026 में MGNREGA की जगह लेने वाले इस नए VB-G RAM G फ्रेमवर्क के लिए अगले कुछ क्वार्टर्स में 'रेजोल्यूशन रेट' के आंकड़े देखना निवेशकों के लिए सबसे अहम होगा। यदि सिस्टम सुचारू रहा, तो यह ग्रामीण कंजम्पशन को और मजबूत सहारा दे सकता है।
