Digital India Land Records: सरकार का बड़ा कदम, ₹565 करोड़ के बजट के साथ DILRMP 3.0 लॉन्च

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Digital India Land Records: सरकार का बड़ा कदम, ₹565 करोड़ के बजट के साथ DILRMP 3.0 लॉन्च

केंद्र सरकार ने Digital India Land Records Modernisation Programme (DILRMP 3.0) के तीसरे चरण की शुरुआत कर दी है। इसके लिए **₹565.5 करोड़** का निवेश किया जाएगा, जिसका उद्देश्य जमीन के रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना है।

नेशनल लैंड स्टैक और Bhu-Aadhaar

इस योजना का मुख्य फोकस एक 'नेशनल लैंड स्टैक' तैयार करना है। सरकार 14-अंकों वाले Bhu-Aadhaar (ULPIN) को अनिवार्य रूप से लागू करेगी, जो हर जमीन के टुकड़े का एक यूनिक डिजिटल आईडी होगा। इससे जमीन के मालिकाना हक और सीमा को लेकर होने वाले विवादों में कमी आएगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।

रजिस्ट्रेशन सेवा केंद्र की शुरुआत

पासपोर्ट ऑफिस की तर्ज पर, देश के 75 सबसे व्यस्त सब-रजिस्ट्रार ऑफिसों को आधुनिक 'रजिस्ट्रेशन सेवा केंद्रों' में बदला जाएगा। इसका उद्देश्य कागजी कार्रवाई को आसान बनाना और जमीन की रजिस्ट्री के समय को कम करना है।

रियल एस्टेट और बैंकिंग पर असर

रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए यह बदलाव गेम चेंजर हो सकता है, क्योंकि इससे जमीन के टाइटल वेरिफिकेशन में लगने वाला समय कम होगा, जिससे प्रोजेक्ट्स में देरी की समस्या घटेगी। वहीं, बैंकिंग सेक्टर के लिए लोन प्रक्रिया आसान होगी। अब बैंक जमीन के कागजात की आसानी से पुष्टि कर पाएंगे, जिससे किसानों और संपत्ति मालिकों को लोन मिलने में आसानी होगी।

चुनौतियां और जोखिम

चूंकि जमीन एक 'स्टेट सब्जेक्ट' है, इसलिए इस योजना की सफलता राज्यों के सहयोग पर टिकी है। पुराने, हाथ से लिखे रेवेन्यू रिकॉर्ड्स को डिजिटल करना और अलग-अलग राज्यों के डेटा फॉर्मेट को एक प्लेटफॉर्म पर लाना एक बड़ी चुनौती है। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि राज्य सरकारें इसे कितनी तेजी से अपनाती हैं, क्योंकि यही इसके आर्थिक लाभों की गति तय करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.