RoDTEP Scheme: एक्सपोर्टर्स के लिए बड़ी राहत, सरकार ने **31 दिसंबर 2026** तक बढ़ाई डेडलाइन

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
RoDTEP Scheme: एक्सपोर्टर्स के लिए बड़ी राहत, सरकार ने **31 दिसंबर 2026** तक बढ़ाई डेडलाइन

सरकार ने RoDTEP एक्सपोर्ट इंसेंटिव स्कीम को **31 दिसंबर 2026** तक बढ़ा दिया है। इस फैसले से भारतीय मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को बड़ी राहत मिली है, जिससे उन्हें ग्लोबल मार्केट में अपना कॉम्पिटिटिव एज बनाए रखने में मदद मिलेगी।

राहत का बड़ा ऐलान

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने औपचारिक रूप से RoDTEP स्कीम को 31 दिसंबर 2026 तक जारी रखने की घोषणा की है। इस फैसले ने उस अनिश्चितता को खत्म कर दिया है जो सितंबर 2026 के बाद के सपोर्ट को लेकर बनी हुई थी। निवेशकों के लिए यह एक बड़ा पॉजिटिव ट्रिगर है, क्योंकि इससे उन कंपनियों के कॉस्ट स्ट्रक्चर में स्थिरता आएगी जो भारी मात्रा में सामान एक्सपोर्ट करती हैं।

कैसे काम करती है यह स्कीम?

RoDTEP स्कीम का मुख्य उद्देश्य उन टैक्स और ड्यूटीज को रिफंड करना है जो प्रोडक्शन प्रोसेस में तो जुड़ते हैं, लेकिन GST के दायरे में कवर नहीं होते। इसमें बिजली ड्यूटी, फ्यूल पर VAT और अन्य लोकल लेवी शामिल हैं। इन खर्चों को सरकार द्वारा रिफंड करने से कंपनियों का प्रोडक्शन कॉस्ट कम हो जाता है, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी कीमतों को प्रतिस्पर्धी बनाए रख सकती हैं।

कौन से सेक्टर होंगे मालामाल?

इस स्कीम का सीधा फायदा टेक्सटाइल, फार्मा, केमिकल, इंजीनियरिंग गुड्स और ऑटो कंपोनेंट्स सेक्टर को होगा। इन कंपनियों के लिए यह इंसेंटिव सीधा उनके EBITDA मार्जिन को सपोर्ट करता है। अगर यह स्कीम बंद हो जाती, तो कंपनियों को इन छुपे हुए टैक्स का बोझ खुद उठाना पड़ता, जिससे उनके मुनाफे पर सीधा असर पड़ता।

आगे की राह और निवेशकों के लिए नसीहत

हालांकि, सरकार ने इसे फिलहाल एक 'ब्रिज' के तौर पर पेश किया है और वह एक नए लॉन्ग-टर्म फ्रेमवर्क पर काम कर रही है। निवेशकों को आने वाले समय में सरकारी घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि भविष्य में अगर इंसेंटिव रेट्स में कोई बदलाव होता है, तो कंपनियों के मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। फिलहाल, एक्सपोर्टर्स की प्रॉफिटेबिलिटी ग्लोबल डिमांड और फ्रेट कॉस्ट पर निर्भर करेगी, जिस पर निवेशकों को तिमाही नतीजों के दौरान मैनेजमेंट कमेंट्री को ट्रैक करना चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.