ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 'विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन' (VB-G RAM G) के दायरे को बड़ा कर दिया है। अब इसमें **375** कार्यों को शामिल किया गया है, जो पुराने MGNREGA फ्रेमवर्क से **41%** अधिक है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 'विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन' (VB-G RAM G) के तहत अब 375 अनुमेय कार्यों की नई सूची जारी की है। यह बदलाव पुराने MGNREGA के 266 कार्यों के मुकाबले 41% की बड़ी बढ़ोतरी है। 1 जुलाई, 2026 से लागू इस मिशन का मुख्य उद्देश्य केवल मजदूरी देना नहीं, बल्कि गांवों में लंबे समय तक काम आने वाली संपत्ति (Assets) तैयार करना है। इसमें प्रति परिवार 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है।
नई योजनाओं के चार मुख्य स्तंभ
इस विस्तार को चार श्रेणियों में बांटा गया है:
- जल सुरक्षा: इसमें चेक डैम और रेनवाटर हार्वेस्टिंग जैसे 128 प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
- ग्रामीण बुनियादी ढांचा: सोलर स्ट्रीट लाइट और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे 111 कार्य शामिल हैं।
- आजीविका इंफ्रास्ट्रक्चर: कोल्ड स्टोरेज और छोटी प्रोसेसिंग यूनिट्स के लिए 98 प्रोजेक्ट्स आवंटित किए गए हैं।
- आपदा प्रबंधन: चरम मौसम से निपटने के लिए तटबंधों को मजबूत करने जैसे 38 प्रोजेक्ट्स जोड़े गए हैं।
निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?
यह कोई लिस्टेड कंपनी नहीं है, बल्कि एक सरकारी नीति है। हालांकि, इसका सीधा असर उन सेक्टरों पर पड़ेगा जो रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े हैं। पाइप, सीमेंट, स्टील और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों के लिए यह एक बड़ी अवसर की तरह देखा जा सकता है। इन प्रोजेक्ट्स का खर्च केंद्र और राज्य सरकारें 60:40 के अनुपात में उठाएंगी। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि राज्यों में इन प्रोजेक्ट्स के लिए फंड का आवंटन और काम की रफ्तार कैसी रहती है, क्योंकि इसी से निर्माण सामग्री की डिमांड तय होगी।
