सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए डीजल और एटीएफ (ATF) के एक्सपोर्ट पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती की है। **1 अक्टूबर** से डीजल पर टैक्स घटकर **₹16** और एटीएफ पर **₹10.5** प्रति लीटर हो गया है।
वित्त मंत्रालय ने स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी, जिसे विंडफॉल टैक्स कहा जाता है, में अहम बदलाव किए हैं। अब डीजल एक्सपोर्ट पर टैक्स ₹20 से घटकर ₹16 प्रति लीटर हो गया है। वहीं, एटीएफ पर लगने वाला लेवी ₹15 से घटाकर ₹10.5 प्रति लीटर कर दिया गया है। पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर टैक्स अभी भी ₹0.5 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है।\n\n### रिफाइनर्स के लिए क्यों है यह अच्छी खबर?\nभारत सरकार इस टैक्स का उपयोग तब करती है जब ग्लोबल रिफाइनिंग मार्जिन्स बहुत ऊंचे होते हैं, ताकि कंपनियों के अतिरिक्त मुनाफे का हिस्सा सरकार के पास आ सके। हर 15 दिन में इन रेट्स की समीक्षा की जाती है। अब टैक्स कम होने का मतलब है कि Reliance Industries जैसी बड़ी रिफाइनिंग कंपनियों का निर्यात से होने वाला नेट प्रॉफिट बेहतर होगा।\n\n### क्या पेट्रोल पंप पर कीमतें घटेंगी?\nसबसे जरूरी बात यह है कि इस कटौती का असर भारत के पेट्रोल पंपों पर नहीं पड़ेगा। घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें जस की तस रहेंगी क्योंकि यह टैक्स सिर्फ निर्यात पर लागू होता है।\n\n### निवेशकों को क्या देखना चाहिए?\nनिवेशकों के लिए ग्लोबल रिफाइनिंग मार्जिन पर नजर रखना बेहद जरूरी है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में डिमांड कम रहती है और मार्जिन दबाव में रहते हैं, तो सरकार आगे भी इस टैक्स को कम रख सकती है। लेकिन, अगर ग्लोबल एनर्जी मार्केट में फिर से तेजी आई, तो सरकार दोबारा इन लेवी को बढ़ा सकती है।
